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मॉडल थाने की भूमि चिन्हांकन के साथ विवाद

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अमेठी। भादर ब्लॉक के रामगंज बाजार में अरसा पूर्व से स्वीकृत जिले का मॉडल थाना भूमि चयन के साथ एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। गाजीपुर में भूमि चिन्हित करने के साथ ही ग्रामीण विरोध पर उतर आए हैं। ग्रामीणों के पास मॉडल थाने की गाजीपुर में स्थापना का विरोध करने के संबंध में कई मजबूत तथ्य भी हैं।
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शासन ने करीब दो वर्ष पूर्व जिले में एक मॉडल थाना खोलने को स्वीकृति दी थी। स्वीकृति के बाद मांगे गए प्रस्ताव में पुलिस विभाग ने मॉडल थाने को भादर ब्लॉक के रामगंज में खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
इस प्रस्ताव में रामगंज के आसपास के 20 से अधिक गांव लिए गए थे। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद जिला प्रशासन ने रामगंज, त्रिसुंडी व छीड़ा समेत कई गांवों में निशुल्क जमीन की खोज की लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने गाजीपुर, रतापुर व नगरडीह समेत उन गांवों में जमीन खोजना शुरू किया जो मॉडल थाने के सूचीबद्ध गांवों की सूची में ही नहीं हैं।
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इसी कवायद के तहत एडीएम, एएसपी व एसडीएम ने गुरुवार को भादर से सटे गाजीपुर की उस जमीन का निरीक्षण किया जिसे पूर्व में मॉडल स्कूल के लिए सुरक्षित किया गया था। अफसरों के मौके पर पहुंचने की सूचना मिलते ही वहां पहुंचे कुछ जागरूक लोगों ने मॉडल स्कूल की भूमि पर थाने की स्थापना का विरोध किया।
लोगों का कहना था कि जो भूमि चिन्हित की जा रही है उसी खाते का एक हिस्सा खेल मैदान के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर दर्जनों खिलाड़ी व सेना की तैयारी करने वाले युवक प्रति दिन अभ्यास करते हैं। भादर निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि नियमत: रामगंज के नाम का मॉडल थाना रामगंज या सूचीबद्ध गांवों में से एक में स्थापित होना चाहिए।
बावजूद इसके यदि प्रशासन यहां मॉडल थाना खोलना चाहता है तो उसे मॉडल स्कूल की भूमि के विपरीत दिशा में तीन दशक से निष्प्रयोज्य पीएचसी के परिसर में खोला जाए। साथ ही थाने का नाम मॉडल थाना भादर करते हुए आस पास के सभी गांवों को थाने के कार्यक्षेत्र में शामिल किया जाए।
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