अमेठी। जिला गठन को 10 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इतने दिनों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटा विभाग ब्लड बैंक की स्थापना नहीं करा सका है। ऐसे में दुर्घटना के साथ गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को ब्लड की आवश्यकता होने पर दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है।
एक जुलाई 2010 को जिला गठन के बाद गौरीगंज सीएचसी भवन में जिले का संयुक्त जिला अस्पताल संचालित कर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही थी।
मरीजों की परेशानी को देखते हुए नए जिला अस्पताल भवन का निर्माण कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में डिजिटल एक्सरे, सीटी स्कैन, वेंटीलेटर, डायलिसिस यूनिट, बर्न यूनिट समेत कई सुविधाओं का विस्तार कर मरीजों को बेहतर इलाज की व्यवस्था जिले में सुनिश्चित की।
इतना ही नहीं कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही अस्पताल में मरीजों के इलाज से जुड़ी सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। सुविधा बढ़ाने की कोशिश में जुटा विभाग दस साल में ब्लड बैंक की स्थापना नहीं कर सका है।
ब्लड बैंक नहीं होने से दुर्घटना के शिकार लोगों के साथ ही गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को ऑपरेशन के दौरान ब्लड की आवश्यकता होने पर उनके तीमारदारों को दूसरे जिले का चक्कर लगाना पड़ता है। सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि जिला अस्पताल का संचालन शुरू होने के बाद ब्लड बैंक की स्थापना के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
पत्र के साथ ही ब्लड बैंक स्थापना के लिए आवश्यक अन्य तैयारियां पूरी की जा रही है। शासन से लाइसेंस मिलने व अन्य अभिलेखीय कार्य पूरा होने के बाद जल्द ही ब्लड बैंक जिले में स्थापित कर मरीजों को सुविधा दी जाएगी।