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वरासत के नाम पर रिश्वत लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

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तिलोई (अमेठी)। तिलोई तहसील में वरासत कराने के नाम पर राजस्वकर्मी द्वारा किसानों से जमकर रिश्वतखोरी का खेल खेला जा रहा है। बिना रुपये लिए लेखपाल वरासत में नाम दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसका एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में तहसील के मनी मनोहर गांव में तैनात एक लेखपाल रुपया गिनते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद तहसील प्रशासन की हर ओर किरकिरी हो रही है।
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तहसील तिलोई में राजस्व कर्मी बिना रुपये लिए किसानों व वादकारियों का कार्य नहीं कर रहे हैं। वरासत के नाम पर काश्तकारों से नाम दर्ज करने के लिए आठ से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का काम खुलेआम किया जा रहा है। यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को रोकने के लिए नित नए कानून लागू कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है।
47 सेकेंड के इस वीडियो में तिलोई तहसील के ग्राम पंचायत मनीमनोहर में तैनात लेखपाल देवी प्रसाद मिश्र किसी से पांच-पांच सौ के नोट लेते व गिनते नजर आ रहे हैं। लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वायरल वीडियो की छानबीन की गई तो पता चला कि यह पैसा लेखपाल ने वरासत के नाम पर मनी मनोहर निवासी अखिलेश कुमार से लिया।
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चार माह पूर्व पिता विश्राम की मृत्यु के बाद अपनी डेढ़ बीघा जमीन की वरासत कराने के लिए किसान अखिलेश काफी दिनों से तहसील के चक्कर लगा रहा था। लेकिन बिना रिश्वत के बात नहीं बनी। पीड़ित अखिलेश कुमार ने बताया कि लेखपाल बिना पैसे के वरासत में नाम अंकित करने के लिए तैयार नहीं थे। 10 हजार घूस की लेखपाल ने मांग की थी काफी प्रयास के बाद आठ हजार में वरासत करने को तैयार हुए थे। पैसे की व्यवस्था कर लेखपाल को दिया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील प्रशासन की किरकिरी हो रही है। तहसीलदार तिलोई दिग्विजय सिंह ने कहा कि अभी तक शिकायतकर्ता की तरफ से कोई लिखित शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शिकायत मिलते ही मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
राज्यमंत्री से भी हो चुकी उगाही की शिकायत
सोशल मीडिया पर लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के चार दिन पहले स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री व तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह से देवकली ग्राम पंचायत में तैनात लेखपाल पर वरासत में नाम दर्ज कराने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत देवकली निवासी किसान केदारनाथ व स्वामी प्रसाद ने की थी।
राज्यमंत्री ने मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम शिवानी सिंह को मामले को संज्ञान लेते हुए सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके राजस्व कर्मियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और शिकायत के चार दिन बाद ही एक और लेखपाल का वरासत के नाम पर रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो गया।
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