संग्रामपुर के अम्मरपुर में रस्मों के बीच उमड़ा सम्मान, जवानों की मौजूदगी ने भावुक किया माहौल
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अमेठी के संग्रामपुर के जोगापुर अम्मरपुर निवासी शहीद सीआरपीएफ हवलदार केदारनाथ मिश्र की छोटी बेटी सुषमा मिश्र का विवाह बृहस्पतिवार को उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। त्रिसुंडी कैंप से पहुंचे अधिकारी और जवान समारोह में विशेष रूप से शामिल हुए। दुल्हन के सिर पर चुनरी थामकर ‘साया’ की परंपरा निभाने के साथ उन्होंने ऐसा स्नेह दिखाया कि पूरा पंडाल भावनाओं से भर गया।
केदारनाथ मिश्र वीरगति को प्राप्त हुए थे
हवलदार केदारनाथ मिश्र 17 अगस्त 2006 को जम्मू-कश्मीर के लाल चौक में गश्त के समय आतंकियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। क्षेत्र के लोग आज भी उनके साहस पर गर्व करते हैं। उनके बाद पत्नी ऊषा मिश्र ने परिवार को मजबूत आधार दिया। बड़ी पुत्री पुष्पा की शादी पहले ही हो चुकी है। छोटी पुत्री सुषमा का विवाह चार दिसंबर को पूरे मानसिंह, गौरीगंज निवासी कुलदीप शुक्ला के साथ संपन्न हुआ। परिवार में पुत्र शशिकांत मिश्र अविवाहित हैं।
समारोह में सीआरपीएफ जवानों ने पारंपरिक रस्मों में सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। ‘साया’ रस्म के दौरान दुल्हन के सिर पर चुनरी थामकर खड़े होने का दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक रहा। यह क्षण शहीद परिवार के प्रति सम्मान का अद्भुत प्रतीक बन गया। त्रिसुंडी सेंटर की ओर से 1.51 लाख का चेक कमांडेंट मनीष कुमार मीणा ने शहीद की पत्नी को सौंपा। उपहार भी प्रदान किए गए।
शहीद परिवार हर जवान के लिए सम्मान का विषय
अधिकारियों ने कहा कि शहीद परिवार हर जवान के लिए सम्मान का विषय है। सुषमा सभी के लिए अपनी ही बेटी समान है, विवाह में सम्मिलित होना गौरव की अनुभूति है। परिवार के चाचा रामकिशन मिश्र ने सीआरपीएफ के स्नेहपूर्ण सहयोग की सराहना की।
जवानों ने हवलदार केदारनाथ मिश्र की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की और नवविवाहित दंपती के सुखमय दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। पूरा समारोह संवेदना, सम्मान और अपनत्व की मिसाल बनकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।