गमगीन बैठे मृतक अर्जुन और अंकित के परिजन। स्रोत: स्थानीय
शाहगढ़/मुंशीगंज। टांडा-बांदा हाईवे पर हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत ने पल भर में दो गांवों के परिवारों की खुशियां छीन लीं। वरीक्षा कार्यक्रम में शामिल होने निकले तीनों दोस्त घर नहीं लौट सके। हादसे में चाचा-भतीजा अंकित और अर्जुन के साथ उनके दोस्त करन की मौत के बाद शुक्रवार को दोनों गांवों में मातम पसरा रहा।
शुक्रवार को एक साथ उठीं तीन अर्थियों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे में हुई तीन युवकों की मौत पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
सुल्तानपुर के अंकारीपुर घसीटू का पुरवा गांव में सुबह से लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। अंकित और अर्जुन के शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां और बहनों के साथ परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरब दुआरा गांव में करन की मौत के बाद मातमी सन्नाटा पसरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद करन का शव पूरब दुआरा गांव और अंकित व अर्जुन का शव अंकारीपुर घसीटू का पुरवा गांव पहुंचा। देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।