फुरसतगंज स्थित खाद की दुकान पर जांच करती टीम। स्रोत: सूचना विभाग
अमेठी सिटी। किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए गठित 13 टीमों ने सभी विकासखंडों में 111 दुकानों का औचक निरीक्षण किया। ओवररेटिंग की पुष्टि होने पर फुरसतगंज के दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि विभिन्न अनियमितताओं पर 27 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान जांच के लिए तीन उर्वरकों के नमूने लिए गए। कई प्रतिष्ठानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड अद्यतन नहीं मिले। कुछ दुकानों पर पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर मिला, जबकि कुछ प्रतिष्ठान बंद पाए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नमूने मानक के अनुरूप न मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ओवररेटिंग के मामले में मेसर्स राजेश खाद भंडार और अमृतलाल खाद भंडार, फुरसतगंज के उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को फार्मर रजिस्ट्री या अन्य तकनीकी कारणों से उर्वरक देने से वंचित न किया जाए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में 10,757 मीट्रिक टन यूरिया, 3,760 मीट्रिक टन डीएपी, 86.66 मीट्रिक टन एमओपी, 1,873 मीट्रिक टन एनपीके और 2,102 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।
अगस्त में 8,400 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया मिलने से आपूर्ति और मजबूत होगी। जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कालाबाजारी, ओवररेटिंग और टैगिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।