भादर (अमेठी)। ग्रामीणांचल के लोगों को इलाज के लिए अब दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। अब गांव के भीतर ही उन्हें सभी महत्वपूर्ण जांच, परामर्श व इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कार्ययोजना तैयार की है।
डॉक्टरों व चिकित्सीय संसाधनों की कमी से जूझ रहे जिले में लोगों को समय से बीमारी की पहचान नहीं होने की वजह से सही इलाज नहीं मिल पाता है। इससे साधारण बीमारी गंभीर बीमारी में बदल जाती है। इससे लोगों को मेडिकल कॉलेज से लेकर एम्स तक भटकना पड़ता है। मेडिकल कालेजों से लेकर बड़े अस्पतालों में भी दिन प्रतिदिन रेफर केसों और मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने का फैसला लिया है। इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है। शीघ्र ही ग्रामीणांचल के लोगों के पास सेहत की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचेगी।
इन बीमारियों की होगी जांच
बीपी, पल्स, शुगर, टायफायड, थायरायड, एनीमिया, सर्वाइकल कैंसर, पैंक्रियाज, किडनी, लिवर, यूरिन के अलावा आंखों की जांच की जाएगी। लोगों की सेहत की मॉनीटरिंग कर जांच रिपोर्ट व हेल्थ डाटा ई-संजीवनी पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। ग्रामीणों का हेल्थ डाटा ई-संजीवनी पोर्टल पर अपडेट होने से एक ही क्लिक पर लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। जांच रिपोर्ट देख डॉक्टरों का पैनल परामर्श देकर समय से दवाएं व इलाज दे सकेगा।
गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं होगी मजबूत
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्र कहते हैं की सरकार के इस फैसले से गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी। लोगों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जाएगा। परमानेंट मॉनीटरिंग से बड़ी से बड़ी बीमारियां दूर भागेंगी। दूर-दराज किसी को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बीमारियों की जांच के लिए आठ उपकरण तैयार किए गए हैं। इससे 80 पैरामीटर्स पर जांच की जा सकेगी। जिसके आधार पर गांवों में ही लोगों का बेहतर इलाज हो सकेगा।