गौरीगंज आरक्षण केंद्र पर रामजीत सिंह, मीनू देवी, राजकुमार यादव, राहुल कुमार, सलीम अंसारी और नीरज वर्मा ने टिकट बुक कराने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल थीं। यात्रियों ने बताया कि टिकट खिड़की पर पहुंचते ही बता दिया गया कि स्लीपर और एसी कोच दोनों में सीटें नहीं हैं, सिर्फ वेटिंग टिकट ही उपलब्ध हैं।
रामशंकर यादव ने बताया कि उन्हें लुधियाना जाना है, लेकिन पंजाब मेल में सीट नहीं मिली। अब जनरल कोच में सफर करना पड़ेगा। बच्चों के साथ भोपाल जा रहीं प्रियंका मिश्रा ने बताया कि बिना कन्फर्म सीट यात्रा करना बहुत मुश्किल हो रहा है। रविंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब मेल खचाखच भरी है। यात्रियों के मुताबिक ट्रेनों के जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू करे और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े, जिससे यात्रा कुछ आसान हो सके।
प्रमुख ट्रेनों की स्थिति
-पंजाब मेल में 15 जुलाई तक स्लीपर कोच में 160 तक वेटिंग है।
-काशी विश्वनाथ, पद्मावत और नीलांचल एक्सप्रेस में स्लीपर कोच में 100 से 200 तक वेटिंग और एसी में कोई सीट उपलब्ध नहीं है।
-उद्योगनगरी एक्सप्रेस में स्लीपर में 150 और एसी में 50 तक वेटिंग चल रही है।
-भोपाल जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन में स्लीपर में 100 और एसी में 40 तक वेटिंग है।
नियमित हो रही टिकटों की बुकिंग
स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि छुट्टियों के बाद ट्रेनों में यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है। दिल्ली, मुंबई, भोपाल, अमृतसर, पटना और लुधियाना जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में 15 जुलाई तक आरक्षित सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। फिलहाल स्लीपर और एसी दोनों श्रेणियों में वेटिंग टिकट ही जारी हो रहे हैं। तत्काल टिकटों की बुकिंग भी प्रतिदिन पूरी हो रही है। जम्मू से आने वाली अर्चना एक्सप्रेस में भी लगातार वेटिंग टिकट ही बन रहे हैं।