अमेठी। लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर रेभा गांव के पास बने अंडरपास से आवागमन शुरू हो गया है। इससे क्षेत्र के 25 गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य के कारण करीब एक लाख की आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
अब लोगों को आठ किलोमीटर लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा और रेल ट्रैक पार करना भी सुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 15 वर्ष से अंडरपास की मांग की जा रही थी। वर्ष 2013 में निर्माण का बोर्ड लगाया गया था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
करीब एक वर्ष पहले रेलवे ने नई कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय की, जिसके बाद कार्य तेजी से आगे बढ़ा और अब अंडरपास पूरी तरह से उपयोग में आ गया है। इससे जयरामपुर, रेभा, मनीरामपुर, मंधरपट्टी, महसो, गंगौली, चचकापुर, बिरहिनपुर और रामदयपुर सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।
ग्रामीण सौरभ मिश्र ने कहा कि अब उन्हें लंबा रास्ता नहीं तय करना पड़ेगा। संदीप पांडेय ने बताया कि वर्षों से चली आ रही दिक्कत खत्म हो गई है। सूरज दुबे ने कहा कि पहले ट्रैक पार करते समय हमेशा खतरा बना रहता था, अब पूरी तरह सुरक्षित आवाजाही हो रही है।
नॉर्दर्न रेलवे के आईओडब्ल्यू शिव मूर्ति ने बताया कि बारिश के कारण कुछ समय कार्य प्रभावित रहा था। फिलहाल अंडरपास चालू हो गया है। इसी सप्ताह टिनशेड भी लगाया जाएगा ताकि बरसात में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।