टीकरमाफी में धरने पर बैठा पीड़ित व्यापारी का परिवार। -संवाद
संग्रामपुर (अमेठी)। होली के दिन चौकी प्रभारी व सिपाहियों पर बदसुलूकी करने के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को चौकी प्रभारी व सिपाहियों पर कार्रवाई नहीं होने से खफा व्यापारियों ने दुकान बंद कर मकान के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
टीकरमाफी कस्बे में रविवार को पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित व्यापारी ओमप्रकाश मोदनवाल और लवकुश परिजनों संग धरने पर बैठ गए। ओमप्रकाश के मुताबिक शुक्रवार शाम चौकी प्रभारी और सिपाही उनकी दुकान पर आए। दुकान के सामने बैठे रिश्तेदार बेटे-बहू और बेटियों के साथ अभद्रता करने लगे। उन्होंने विरोध किया तो थाने ले जाकर बंद करने की धमकी देने लगे। व्यापारी सूरज मोदनवाल ने कहा कि दिन में डीजे बजाने को लेकर चौकी प्रभारी ने अभद्रता कर डीजे बंद करवा दिया था।
व्यापारियों का आरोप है कि स्वामी परमहंस आश्रम में आयोजित मेले में भी चौकी प्रभारी ने शाम को अभद्रता कर जबरन दुकान बंद करवा दी थी। प्रीति मोदनवाल ने बताया कि होली की रात उनकी दुकान बंद थी, लेकिन शराब के नशे में धुत पुलिसकर्मी घर आकर दुकान बंद करने के लिए गाली-गलौज करने लगे। घर के सामने बैठे पति और परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिसकर्मियों ने पीटते हुए जबरन घर के अंदर धकेल दिया। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने अपशब्द कहे और जबरन गाड़ी में बैठाकर चौकी ले जाने लगे।
आरोप है कि शाम को चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी नशे में धुत हो जाते हैं। आए दिन व्यापारियों से अभद्रता करते हैं। रविवार को दुकान बंद कर मकान के सामने परिजनों संग धरने पर बैठे व्यापारियों ने मुख्यमंत्री व एसपी से कार्रवाई की मांग की। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष व टीकरमाफी बाजार प्रभारी देवचंद्र सिंह ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप लगाया कि टीकरमाफी चौकी प्रभारी ने शराब के नशे में व्यापारियों के साथ अभद्रता की है। पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की गई है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी लगातार विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पीड़ित व्यापारी व्यापार मंडल के संगठन से जुड़े हुए हैं। यदि मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो 19 मार्च को एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की जाएगी। एएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में व्यापारियों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।