अमेठी में रोपित पौधे की सिंचाई करते समाजसेवी टीपी सिंह। -स्रोत : स्वयं
अमेठी सिटी। अमेठी के भीमी गांव निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी टीपी सिंह पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित हैं। वह प्रतिवर्ष एक हजार पौधे रोप रहे हैं। पहले तनख्वाह और फिर पेंशन से कुछ धनराशि वह इस नेक काम के लिए खर्च कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा से कई लोग पौधारोपण के लिए आगे आ रहे हैं।
समाजसेवी टीपी सिंह का कहना है कि इससे बड़ी सेवा और कोई नहीं हो सकती। वृक्षों से जहां हमारा पर्यावरण संरक्षित होगा, वहीं बेजुबानों के साथ इंसानों को छांव व फल आदि मिल सकेंगे।
नौकरी मिलने से पहले उन्होंने 80 के दशक में अपने गांव में आंवले का बड़ा बाग और प्रतापगढ़ के अंतू में आम, कटहल आदि के 10 पौध रोपित किए थे। नौकरी में आने पर लखनऊ में रेलवे प्रबंधक रहे कमलेश गुप्ता ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर गंगागंज रेलवे स्टेशन से चिलबिला रेलवे स्टेशन तक उनके सहयोग व प्रेरणा से पौधे रोपित कर सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड लगाए गए। उसके बाद से अब तक वह अपने रुपय से करीब 45 हजार पौधे शहीदों, महापुरुषों, संतों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों आदि के नाम पर रोपित कर चुके हैं।
पौधों की सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड भी लगवाए हैं। उनके मुताबिक 90 फीसदी पौधे पेड़ का आकार ले चुके हैं। प्रतिदिन सुबह वह अपनी बाइक से पौधों की देखभाल के लिए निकलते हैं। पौधों को पानी देने से लेकर उनकी सुरक्षा का प्रबंध वह खुद करते हैं।