अमेठी सिटी। आस्था के ज्वार में प्रयागराज संगम महाकुंभ के दुर्लभ संयोग पर गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ प्रतिदिन रवाना हो रही है। सोमवार को प्रयागराज संगम जाने वाली इकलौती ट्रेन के निरस्त होने के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं पड़ा। श्रद्धालु लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस पर भीड़ के बीच कोच में चढ़ने की जद्दोजहद करने से भी नहीं चूके। भीड़ के बीच गंगा मैया के जयकारों के बीच रवाना हुए। ट्रेन में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पांच मिनट तक अतिरिक्त ठहराव भी करना पड़ा।
प्रयागराज संगम में चल रहे महाकुंभ में शामिल होने की इच्छा लोगों के मन में हिलोरें ले रही हैं। लगातार भीड़ के बाद भी लोगों में किसी भी तरह प्रयागराज महाकुंभ पहुंच कर गंगा स्नान व दर्शन करने की तमन्ना कम नहीं हो रही है। आस्था व उत्साह से लबरेज बुजुर्ग, महिलाएं, युवा व बच्चे भी रेलवे स्टेशन की तरफ चल पड़े। सोमवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जनसैलाब उमड़ा। प्लेटफार्म पर हर तरफ श्रद्धालु ही नजर आ रहे थे।
गंगा मैया के भक्ति गीत व जयकारों के बीच श्रद्धालुओं को जब पता चला कि लखनऊ-प्रयागराज संगम पैसेंजर निरस्त है तो भी उनका उत्साह फीका नहीं पड़ा। इसी बीच लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी के आने का संकेत हुआ तो श्रद्धालु प्रतापगढ़ पहुंच कर वहां से दूसरी ट्रेन से जाने के लिए तैयार हो गए। ट्रेन पहुंची तो पहले से डिब्बों में भारी भीड़ होने के बाद भी उनका उत्साह व जुनून इस कदर हावी रहा कि जान की सुरक्षा की भी चिंता नहीं रही।
धक्का-मुक्की करते हुए श्रद्धालु ट्रेन पर सवार हुए। श्रद्धालुओं की आस्था व उत्साह का आलम यह रहा है कि ट्रेन को करीब पांच मिनट अतिरिक्त समय तक रोकना पड़ा। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते आरपीएफ कर्मी संग स्टेशन मास्टर को निगरानी करनी पड़ी। धक्का-मुक्की के बीच गेट व पार्सल कोच में सवार होकर श्रद्धालु रवाना हुए तो प्लेटफार्म खाली हुआ।
नहीं मिली बस, ट्रेन ही मात्र एक सहारा
प्रयागराज महाकुंभ के लिए परिवहन निगम की बस मुख्यालय पर नजर आई। सड़क मार्ग पर जाम की जानकारी व परिवहन निगम की बस नहीं मिली तो हर कोई ट्रेन से यात्रा करने की जुगत में लगा रहा। कुछ लोग तो अन्य ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंच कर वहां से रवाना हुए। अधिकांश लोग देर शाम आने वाले रिंग मेला स्पेशल ट्रेन की प्रतीक्षा करने लगे।
श्रद्धालु बोले, 144 साल बाद आया है ऐसा संयोग
प्रयागराज संगम में चल रहा महाकुंभ 144 साल बाद आया है। लोगों का मानना है कि महाकुंभ बेहद खास है। ग्रहों की स्थिति बेहद दुर्लभ संयोग बना रही है। 144 साल के बाद महाकुंभ में समुद्र मंथन के संयोग बन रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालु महाकुंभ में डुबकी लगाने को आतुर हैं। सोमवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर आनापुर गांव निवासी केवलापति अपने साथ मौजूद महिलाओं से बात कर रही थीं। हम तो अपने पतुह संग नाती का साथै ले जात अही, अब यह जीवन में अस संजोग न आए। 144 साल बाद इ संजोग आवा है। बुजुर्ग कनककुमारी कह रहीं थी कि सुने अही की बहुत पैदल चलै का पड़ी, लेकिन कुछ होए गंगा माई बोलाए अहां तौ जाब जरूर। बुजुर्ग चमेला ने कहा कि भैया गंगा माई कै किरपा अहै, बुलावा आवा है। जाएंगे जरूर चाहै जो हो। भैया 144 साल पर महाकुंभ आया है, परेशानी तो आती-जाती रहती है। यही हाल तकरीबन अन्य श्रद्धालुओं का रहा।
सुरक्षा के बीच हो रहा ट्रेनों का परिचालन
गौरीगंज रेलवे स्टेशन अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि प्रयागराज संगम यात्रा के लिए इन दिनों लोगों की भीड़ उमड़ रही है। भीड़ होने से ट्रेनों के आगमन पर लोगों को चढ़ने में परेशानी हो रही है। आरपीएफ व जीआरपी संग स्टेशन कर्मी ट्रेन के आगमन के बाद पूरी तरह निगरानी कर रहे हैं। लोगों के ट्रेन में सवार होने के बाद ही सुरक्षा व संरक्षा नियमों के बीच ट्रेनों को प्रस्थान का सिग्नल दिया जाता है। ऐसे में सुरक्षा के कारण अतिरिक्त समय तक ट्रेनों का ठहराव करना पड़ रहा है।