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Amethi News: मौसम में बदलाव से बढ़े बुखार के मरीज

Tue, 18 Feb 2025 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इस समय बुखार के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में बुखार, सिर दर्द, खांसी, जुकाम की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। बुखार संक्रमितों की पैथोलॉजी में जांच करवाते हुए चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार करते हुए पौष्टिक आहार लेने संग सावधानी बरतने की सलाह दी।
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असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में बदलते मौसम में लोगों की सेहत पर पड़ रहे असर की तस्वीर साफ दिखी। सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। 1231 मरीजों ने ओपीडी में पर्चा बनवाकर अपना इलाज कराया। इसमें बुखार के 417, ठंड के 92, खांसी के 89, जुकाम के 94 व पेट दर्द के 69, डिहाइड्रेसन के चार और मनोरोग के 77 समेत अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज रहे। सीएचसी गौरीगंज में भी बुखार के 180, जुकाम के 28, खांसी के 32 तथा ठंड के 29 समेत अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज उपचार कराने पहुंचे।


जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि मौसम में परिवर्तन होने से बुखार और बैक्टीरिया संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। बताया कि अभी सुबह और शाम ठंड है, लेकिन दिन में धूप से मौसम गर्म हो जा रहा है। बताया कि कई लोग सुबह-शाम ठंड में पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और खानपान को लेकर लापरवाही बरतने लगे हैं। इससे वे आसानी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब तक मौसम पूरी तरह परिवर्तित नहीं होता, बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
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ज्यादा गर्म पानी से स्नान करने से बचें
गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि ज्यादा गर्म पानी के स्नान से बचें और पौष्टिक भोजन करें। दोपहिया वाहनों पर सफर करते समय पूरा शरीर ढका होना चाहिए। सीधे तेज हवा के संपर्क में आने से बचें। बच्चों को ठंड से बचाएं, उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अस्पताल में जांच करवाएं




दवाओं की नहीं कमी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान बीमारियां बढ़ती हैं। अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले सभी मरीजों का उपचार करते हुए आवश्यक होने पर पैथोलॉजी से जांच भी करवाई जा रही है। मरीजों को निशुल्क जांच, दवा संग उपचार की सुविधा मिल रही है। अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है। मरीज डॉक्टर के परामर्श के अनुसार दवा का सेवन व सावधानियां बरतें, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रह सके।
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