अमेठी सिटी। जिला अस्पताल और नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे गर्भवती संग अन्य महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें निजी अस्पतालों सहित महानगरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले की आबादी करीब 25 लाख है। यहां महिलाओं को समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। समय पर इलाज न मिल पाने पर गर्भवती और प्रसूताओं की जान को भी खतरा बना रहता है। जिला चिकित्सालय के अलावा तिलोई में मेडिकल कॉलेज और जगदीशपुर में ट्राॅमा सेंटर संचालित है। इसके अतिरिक्त 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और एएनएम केंद्र भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। इन सुविधाओं के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह कमी विशेष रूप से स्त्री रोग के क्षेत्र में अधिक है, जिससे मातृ स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी है। खाली पदों को भरने के लिए शासन को समय-समय पर पत्र भेजे जाते हैं।
यहां है तैनाती
मेडिकल कॉलेज में में पांच स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इनमें अर्शिया खान, मीनाक्षी, ज्योति, ऊष्मा पांडेय और नव्रता द्विवेदी शामिल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुरसतगंज में अंकिता उपाध्याय और जगदीशपुर में पुलक यादव कार्यरत हैं। अमेठी में एस प्रेमा गोदी और गौरीगंज में रुचिका सेठ की तैनाती है। रुचिका सेठ को संयुक्त जिला अस्पताल में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है।