तिलोई। सेमरौता कस्बे से बुधवार को रायबरेली के पास हरदासपुर गई बरात द्वारपूजा और जयमाल के बाद विवाद होने से लौट आई। काफी समझाने के बाद भी बात नहीं बनी और दूल्हे को बिना दुल्हन के बरात वापस ले जानी पड़ी। इससे घर पर बहू के स्वागत की तैयारी कर रहीं महिलाएं निराश हो गईं।
सेमरौता निवासी राजेश कुमार ने बताया कि बेटे आदित्य का विवाह रायबरेली के पास हरदासपुर निवासी ब्रजभान वैश्य की बेटी से तय हुआ था। बुधवार को बरात निकली थी। कन्या पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया और जलपान व भोजन की व्यवस्था की। इसके बाद जनवासे से डीजे की धुन पर नाचते हुए बराती कन्या पक्ष के दरवाजे पहुंचे। द्वारपूजा के दौरान दूल्हे की आरती उतारी गई और जयमाल की रस्म भी पूरी हुई।
बताया गया कि सात फेरे की रस्म से पहले दूल्हे के घर में प्रवेश करते समय रथ के साथ भगवान की पांच बड़ी फोटो न होने को लेकर कन्या पक्ष ने आपत्ति जताई। इस बात पर दोनों पक्षों में तकरार शुरू हो गई। कन्या पक्ष का आरोप है कि आपत्ति जताने पर दूल्हे के भाई गालीगलौज करने लगे, जिससे विवाद बढ़ गया। रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका।
इसके बाद कन्या पक्ष ने विवाह करने से इन्कार कर दिया और बरात बिना शादी के ही लौट गई। दूल्हे के पिता राजेश कुमार ने बताया कि वरीक्षा और तिलक की रस्म पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन बरात पहुंचने के बाद मामूली बात पर शादी से मना कर दिया गया। वहीं कन्या के पिता ब्रजभान वैश्य का कहना है कि भगवान की फोटो और चढ़ावे को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मामला बिगड़ गया।