गौरीगंज (अमेठी)। शहर स्थित नवोदय विद्यालय से गुरुवार रात कक्षा छह का छात्र संदिग्ध दशा में लापता हो गया था। मामले की जानकारी के बाद स्कूल स्टाफ में हड़कंप मचा गया। छात्र ने किसी के मोबाइल से अपने अपहरण होने तथा किसी तरह बचने की बात अपने परिजनों की बताई गई।
सूचना पर परिजन छात्र को लेकर घर चले गए। उधर छात्र की तलाश करते हुए शिक्षक घर पहुंचे तो छात्र को देख राहत की सांस की ली। सुबह परिवारीजनों ने छात्र के अपहरण की कोशिश की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज ने छात्र के झूठ की पोल खुल गई।
मुंशीगंज थाने के गोपालीपुर मजरे किटियावां गांव निवासी किशन कुमार का पुत्र ज्ञानेंद्र शहर स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा छह-ब में पढ़ता है। आवासीय विद्यालय होने के कारण छात्र उदय गिरि हॉस्टल में रहता है। गुरुवार की रात छात्र ज्ञानेंद्र स्कूल की टूटी बाउंड्रीवाल के रास्ते बाहर निकल गया। बाहर निकलकर ज्ञानेंद्र ने ट्रक चालक से मदद की गुहार लगाते हुए अपनी मां संजू देवी के पास फोन किया।
उसने फोन पर कर मां को स्कूल से कार के जरिए खुद का अपहरण होने की बात बताई। कहा कि उसे अपहरणकर्ताओं ने ट्रेन से ले जाने की कोशिश की लेकिन वह किसी तरह भाग निकला। बताया कि वह फिलहाल सैंठा मार्ग स्थित फ्लाईओवर के पास है। पुत्र के अपहरण की सूचना पर पिता रात में बाइक से बताए गए स्थान पर पहुंचे और पुत्र को लेकर घर चले गए।
उधर रात में हॉस्टल से छात्र के गायब होने की सूचना पर स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेल खंगालने के साथ शिक्षक ज्ञानेंद्र की तलाश में जुट गए। कैमरे के फुटेज में रात करीब 2.40 बजे छात्र को छिपकर निकलते देख शिक्षकों का एक दल गोपालीपुर ज्ञानेंद्र के घर पहुंच गया। घर पर छात्र को मौजूद देख शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
उधर शुक्रवार सुबह ज्ञानेंद्र के परिजनों ने थाने में पहुंचकर पुत्र के अपहरण की शिकायत की। आवासीय स्कूल से छात्र के अपहरण की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अजीत विद्यार्थी ने उपनिरीक्षक रामकृपाल सिंह को स्कूल जा कर पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
उपनिरीक्षक ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज के साथ शिक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर पूछताछ की तो ज्ञानेंद्र ने मां-बाप से मिलने की इच्छा जागृत होने पर स्वयं स्कूल से निकलने व फर्जी अपहरण की कहानी रचने की बात स्वीकार की। इंचार्ज प्रधानाचार्य आरबी पांडेय ने बताया कि ज्ञानेंद्र की ओर से स्वयं फर्जी अपहरण की कहानी रचने की बात स्वीकार की है। इसके बाद पिता के प्रार्थना पत्र पर उसे घर जानेे की अनुमति दी गई है।