अमेठी। जिले में गर्मी का सितम अब परेशानी बढ़ाने लगा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों की घरों में ही रहने के लिए विवश कर दिया। शरीर झुलसाती धूप के कारण दोपहर 12 बजे बाद से सड़कें और बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखने लगा। हालात ऐसे रहे कि पंखे और कूलर की हवा भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दिला सके।
शहर के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय चहल-पहल कम दिखाई दी। बाइक सवार राहगीर कुछ दूरी तय करने के बाद पेड़ों और दुकानों की छांव में रुक कर सुस्ताते नजर आए। कई लोग सिर पर गमछा और चेहरे पर कपड़ा बांधकर धूप व तपिश से बचते दिखे। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर करीब 12 बजे कई बच्चे पानी की बोतल और सिर ढककर घर लौटते दिखाई दिए।
चौक बाजार में जूस बेचने वाले रामऔतार ने बताया कि तेज गर्मी में सड़क किनारे खड़ा रहना मुश्किल हो रहा है। रिक्शा चालक शिवकुमार ने कहा कि लू के थपेड़ों से शरीर थक जाता है। कुछ दूरी चलने के बाद ही छांव में सुस्ताना पड़ता है। वहीं गौरीगंज की गृहिणी सीमा देवी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें ध्यान
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि तेज गर्मी में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार यादव ने बताया कि तेज गर्मी का असर फसलों पर पड़ रहा है। किसानों को समय-समय पर सिंचाई करने और खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
अभी राहत मिलने के आसार नहीं
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कई इलाकों में तेज लू चलने की संभावना है।