अमेठी में रिंग रोड निर्माण के लिए मशीन से हो सफाई। संवाद
अमेठी। घंटों जाम में फंसे रहने की समस्या से अब अमेठी शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से एनएच-931 बाईपास फेज-2 (रिंग रोड) का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रेलवे लाइन के दक्षिणी हिस्से में बन रहा यह रिंग रोड न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि शहर के भीतर लगने वाले जाम से भी छुटकारा दिलाएगा। ये काम छह माह में पूरा होने की उम्मीद है।
रेलवे लाइन के उत्तरी हिस्से में फेज-1 का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है और उस पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। अब फेज-2 का निर्माण कार्य प्रगति पर है। परियोजना पूरी होने के बाद सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और रायबरेली की ओर जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे सीधे रिंग रोड से होकर गुजरेंगे, जिससे शहर के भीतर जाम की स्थिति में सुधार होगा और आवागमन निर्बाध रहेगा।
रिंग रोड के साथ रेभा और पूरे प्रेम स्थानों पर दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जा रहे हैं। इनके बन जाने से ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार करने के लिए अब लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी अरविंद पांडेय ने बताया कि रिंग रोड बनने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बाजारों में भीड़भाड़ घटेगी और यात्रा का समय कम होगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 283.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह बाईपास एनएच-931 के 30.050 किलोमीटर से 34.500 किलोमीटर तक तैयार किया जा रहा है। इसके लिए खेरौना, रेभा, मनीपुर, चचकापुर, बिराहिमपुर, बरियापुर, भरथीपुर, रायपुर फुलवारी और जंगल रामनगर समेत कई गांवों की 461 गाटों की लगभग 108 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। रेलवे के आईओडब्ल्यू शिवमूर्ति ने बताया कि परियोजना में दो आरओबी शामिल हैं। रेलवे ने निर्माण के लिए एनओसी जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होते ही रिंग रोड पर वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से शुरू हो जाएगा।