सिंहपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो अयोध्या की टीम ने मंगलवार को इन्हौंना थाने में तैनात उपनिरीक्षक राजेश पाल को चाय दुकानदार के माध्यम से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। दरोगा पर सड़क दुर्घटना के एक मामले में पक्ष में रिपोर्ट लगाने के एवज में रुपये मांगने का आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने दरोगा के साथ चाय दुकानदार को भी हिरासत में लिया है। आरोपी राजेश गोंडा जिले के रहने वाला है।
पिछली 19 दिसंबर को इन्हौंना के चिलौली के पास डीसीएम ने एसयूवी में टक्कर मार दी थी। एसयूवी अयोध्या के बाबा बाजार के रामपुर गांव निवासी अंकुश सिंह की है। उन्होंने 29 जनवरी को डीसीएम चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी प्रकरण में अंकुश के पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी।
अंकुश ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में की थी। मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने थाने के पास घेराबंदी की। थाने के बगल में लवदीप साहू की चाय की दुकान पर दरोगा को रुपये लेने के लिए बुलाया गया। आरोप है कि दरोगा ने सीधे पैसे न लेकर चालाकी दिखाते हुए 15 हजार रुपये दुकान संचालक लवदीप साहू को दिलवाए। जैसे ही दुकानदार को रुपये दिए गए, टीम ने मौके पर ही दरोगा और चाय दुकानदार दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
दुकान पर भीड़ लगने पर आननफानन एसीबी टीम दोनों आरोपियों को वाहन में बैठाकर लखनऊ की ओर रवाना हो गई। हालांकि, कुछ देर बाद टीम दोनों को लेकर जामों थाने पहुंची, जहां बंद कमरे में करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद एसीबी प्रभारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
उपनिरीक्षक राजेश पाल फरवरी 2025 में इन्हौंना थाने में तैनात हुआ था। थाना जामों के इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो के निरीक्षक संजय सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपियों को टीम अपने साथ ले गई है।