अमेठी सिटी। बाजारशुकुल थाने के प्रभारी अभिनेष कुमार पर एक व्यक्ति ने एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष के निजी चालक के खाते में 39 हजार रुपये भेजने की बात भी कही है। उसने आईजी अयोध्या को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
खलिसबहार गांव निवासी अनिल कुमार दुबे ने बताया कि 22 अक्तूबर को गांव में हुए विवाद के बाद 23 अक्तूबर को सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले थानेदार ने एक लाख रुपये मांगे। तत्काल पूरी रकम न होने पर उसने 11 हजार रुपये नकद दिए और 39 हजार रुपये थाना प्रभारी के निजी चालक सुरेंद्र कुमार शुक्ल के खाते में फोन पे से भेजे।
आरोप है कि रुपये देने के बाद भी एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं और अब फिर से रुपये मांगे जा रहे हैं। सोमवार से इस मामले से जुड़ा एक ऑडियो और वीडियो वायरल हो गया है। थाना प्रभारी अभिनेष कुमार ने कहा कि अनिल कुमार मारपीट मामले में फर्जी केस दर्ज करवाना चाहते थे। जब मना किया गया तो उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश की।
जिस व्यक्ति के खाते में रुपये भेजने की बात कही जा रही है, वह उनसे परिचित नहीं है। क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जिसे थानेदार का चालक बताया जा रहा है, वह पुलिसकर्मी नहीं है। मंगलवार को रायबरेली कोर्ट में होने से जांच नहीं हो सकी। बुधवार को जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।