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Amethi News: फीस जमा करने पर संस्थान ने दी परीक्षा की अनुमति

Fri, 26 Sep 2025 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी

सार

अमेठी के पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट में फर्जीवाड़े और फीस घोटाले का मामला गहराता जा रहा है। कई छात्राओं को परीक्षा में बैठने से रोका गया, जिससे उनका भविष्य संकट में है। अब लोग प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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विस्तार
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अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस का फर्जीवाड़ा लगातार गहराता जा रहा है। एएनएम प्रवेश में धांधली सामने आने के बाद अब जीएनएम छात्राओं का भविष्य भी संकट में है। नौ सितंबर को बरेली स्थित कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचीं करीब 35 छात्राओं को प्रवेश पत्र नहीं मिला तो वहां हंगामा हो गया। तभी कॉलेज प्रशासन ने संस्थान पर 35 लाख रुपये का बकाया बताते हुए संचालक प्रिंस उर्फ आजम और सहयोगी रेहान को रोक लिया और प्रिंस की कार अपने कब्जे में ले ली।
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छात्रा सौम्या ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने साफ कह दिया कि बिना बकाया भुगतान के एडमिट कार्ड जारी नहीं होंगे। हंगामे के बाद आंशिक फीस जमा करने पर कुछ छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई, लेकिन शर्त रखी गई कि दूसरे सेमेस्टर से पहले पूरी राशि जमा करनी होगी।


इसने छात्राओं को और दुविधा में डाल दिया क्योंकि अधिकांश ने पूरी फीस पहले ही अमेठी संस्थान में जमा कर रखी थी। छात्रा सुमन ने कहा कि परीक्षा रोकने के साथ ही कॉलेज प्रशासन ने संचालक आजम की कार भी रखवा ली और साफ कर दिया कि बकाया न मिलने तक वाहन वापस नहीं मिलेगा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
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एक छात्रा के पति बंटी सिंह ने वीडियो में कहा कि पत्नी की आंखों में आंसू देखकर उनका दिल टूट गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब अमेठी में पूरे घोटाले का पर्दाफाश किया जाएगा। कुछ छात्राओं ने रिश्तेदारों से उधार लेकर आंशिक भुगतान किया तो उनकी परीक्षा हो गई, जबकि कई को प्रवेश पत्र न मिलने से परीक्षा देने का अवसर ही नहीं मिला।


छात्राओं का आरोप है कि संस्थान ने लाखों रुपये वसूले लेकिन वास्तविक कॉलेज में राशि जमा ही नहीं की। लगातार हो रहे खुलासों से यह साफ है कि संस्थान की अनियमितताओं ने छात्राओं के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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