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Amethi News: परिजनों ने हत्या कर शव फेंकने का लगाया आरोप

Fri, 16 May 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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संग्रामपुर क्षेत्र के सरैया मजरे रामगढ़ में गमगीन मनोज के परिजन।   -संवाद
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संग्रामपुर (अमेठी)। क्षेत्र के सरैया मजरे रामगढ़ निवासी मनोज विश्वकर्मा का शव 24 अप्रैल को प्रतापगढ़ जिले में गंगा नदी में मिला था। पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार लावारिस में करा दिया था। मनोज की मौत की जानकारी बुधवार को हुई तो परिजनों में आक्रोश बढ़ गया। परिजनों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
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क्षेत्र के सरैया मजरे रामगढ़ निवासी मनोज विश्वकर्मा (24) एक फोन कॉल आने पर 22 अप्रैल को बाइक से घर से निकले थे लेकिन लौटे नहीं। 24 अप्रैल को कौशांबी के कडाधाम क्षेत्र में गंगा नदी में बाइक मिलने के बाद 25 अप्रैल को परिजनों ने संग्रामपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

बुधवार को जब संग्रामपुर पुलिस ने प्रतापगढ़ पुलिस से सूचना साझा की तब परिजन हथिगवां थाने पहुंचे और कपड़ों, चाबी व तस्वीरों से शव की शिनाख्त की। बृहस्पतिवार को परिजन व विश्वकर्मा समाज के सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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परिजनों का आरोप है कि मनोज की हत्या कर शव नदी में फेंका गया। इसके अलावा उनके बैंक खाते से 11 बार में करीब तीन लाख रुपये निकाले गए हैं। उन्होंने पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज करने के बाद भी कोई सक्रियता न दिखाने का आरोप लगाया।

सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने बैंक और कॉल डिटेल की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया। आक्रोशित लोगों व परिजनों ने सात दिन में कार्रवाई न होने पर फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस मौके पर हनुमान प्रसाद विश्वकर्मा, निर्मल विश्वकर्मा, रामकरन विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, विंध्यादीन विश्वकर्मा, संरक्षक इंजीनियर गुरु प्रसाद, बाबूराम, रमाशंकर, अरविंद, रामकृपाल, जय राम, उषा देवी, सजन लाल व प्रदीप कुमार समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।


बहन की शादी से पहले ही लापता हो गए थे मनोज
मनोज की बहन आरती की शादी 30 अप्रैल को तय थी। शादी से पहले भाई के लापता होने पर परिवार ने किसी तरह रस्में पूरी कीं। भाई की मौत की सूचना मिलने के बाद फोन पर ही छत्तीसगढ़ से आरती ने रोते हुए परिजनों से कहा कि भैया बिन अब तो सब सूना हो गया।


पत्नी, मां व छोटी बहन बेसुध
मनोज की शादी दो साल पहले ऊषा विश्वकर्मा से हुई थी। पत्नी ऊषा, मां सरोजा व छोटी बहन ममता बेसुध हैं। ममता बार-बार यही कहती कि किसी का फोन आया था जिसे सुनकर भैया बाइक से निकले थे और उनकी हत्या कर दी गई। पिता राजाराम इकलौते बेटे की मौत और अंतिम दर्शन न कर पाने से पूरी तरह टूट चुके हैं।
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