इन्हौना (अमेठी)। मोहनगंज थाने में जिले का प्रथम डिजिटल मालखाना व विवेचक कक्ष, 32 कांस्टेबल क्षमता वाली बैरक का रविवार को राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह ने लोकार्पण किया। इस नई व्यवस्था में मुकदमे से जुड़े सभी साक्ष्य हथियार, नशीले पदार्थ, पोस्टमार्टम पोटली पारदर्शी बक्सों में बंद किए जाएंगे और प्रत्येक बक्से पर अनोखा क्यूआर कोड अंकित होगा।
राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि अब अपराध संबंधी आंकड़े अपडेट रहेंगे, समय की बचत होगी। अभिलेखीय रखरखाव आसान होगा। विवेचकों के लिए मॉडर्न विवेचक कक्ष में चार कंप्यूटर लगे हैं। एक साथ चार विवेचक अपने मुकदमों की विवेचना कर सकेंगे। 32 कांस्टेबल की क्षमता वाली राज्यमंत्री तैयार होने से निवास की समस्या खत्म होगी। शीघ्र ही सभी थानों में इसी प्रकार के डिजिटल मालखाने बनाकर पुलिसीय कार्यप्रणाली को और पारदर्शी व तेज बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बक्से का विवरण एक विशेष सॉफ्टवेयर में दर्ज होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर एक क्लिक पर ही किसी भी साक्ष्य का पूरा ब्योरा देखा जा सकेगा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, सीओ डॉ. अजय सिंह इंस्पेक्टर राकेश सिंह, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व नागरिक मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि मोहनगंज के बाद शीघ्र ही अन्य थानों में भी डिजिटल मालखाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। यह कदम साक्ष्यों की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।