जगदीशपुर। लखनऊ-सुल्तानपुर रेल ट्रैक पर बाजारशुकुल अंडरपास के पास बृहस्पतिवार रात शटल एक्सप्रेस की चपेट में आने से उरुवा गांव निवासी रीता (30), उनके बेटे आदित्य (6) और बेटी वैष्णवी (4) की मौत हो गई थी। शनिवार को तीनों के शव गांव पहुंचे तो मातम पसरा गया।
कन्हैया लाल के घर से उठती चीख-पुकार ने माहौल को और गमगीन कर दिया। पति कन्हैया लाल गहरे सदमे में हैं और बच्चों का नाम लेते हुए बार-बार बेसुध हो जा रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं। रीता की बीमार मां बेटी और नाती-नातिन की मौत से पूरी तरह टूट गईं। भाई लवलेश, दुर्गेश और बहन रूपा सहित मायके पक्ष के लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।
घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और हर किसी की आंखें नम दिखीं। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के पास सांत्वना के लिए शब्द नहीं थे, सिर्फ नम आंखें और भारी मन दिखाई दे रहा था। खबर लिखे जाने तक तीनों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था।