गौरीगंज (अमेठी)। फरवरी माह में परिवर्तित हो रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार रात तेज हवाओं के बीच जिले के कई हिस्सों में ओलावृष्टि व बरसात से फसलों में क्षति के साथ शिवरतनगंज थाने के पेड़रिया गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। शुक्रवार सुबह से बादलों की आवाजाही बनी रही तो धूप भी लुका छिपी का खेल खेलती रही। दिन भर चल रही बफीर्ली हवा ने फरवरी माह में ठंड ने दोबारा इंट्री करते हुए लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया।
जनवरी माह से शुरू ठंड से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। फरवरी माह में दो दिन धूप खुलने से लोग राहत महसूस कर रहे थे। लेकिन गुरुवार शाम से पल-पल बदल रहा मौसम बरसात व ओलावृष्टि के रूप में परिवर्तित हो गया। गुरुवार देर शाम जिले के कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई तो कई क्षेत्र में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि व बरसात भी हुई।
ज्यादातर क्षेत्रों में बरसात के बाद शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग कीचड़ से सराबोर हो गए। बारिश के बीच कई स्थानों पर पड़े ओलों से अचानक ठंड में भी इजाफा हो गया। मौसम परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई है। आलू, मटर, सरसों के साथ सब्जी की फसलों में नुकसान होने की आशंका है तो गेहूं की फसल को बरसात से संजीवनी मिली है। शुक्रवार को भी बादलों की आवाजाही बनी रही। ओलावृष्टि के साथ पूरे दिन चली बर्फीली हवा ने लोगों को कंपा दिया।
तूफान में कई मकान ढहे
सिंहपुर (अमेठी)। शिवरतनगंज थानाक्षेत्र के पेड़रिया गांव में गुरुवार रात आए भीषण तूफान से आठ नवनिर्मित पक्के मकान जमींदोज हो गए। मकान अभी रिहायशी न होने के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। गुरुवार की रात्रि तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई और देखते ही देखते हवा कुछ क्षेत्र में तूफान में बदल गई और शिवरतनगंज पेड़रिया मार्ग के किनारे बने रामचंद्र यादव, नान्हू मौर्य, अनूप सिंह, अनिल सिंह, शिवजीत सिंह, मनीष सिंह, साहब प्रसाद पासी एवं कन्हैया लाल मौर्य समेत आठ लोगों के मकान पूरी तरह से धराशायी हो गए तो कई मकानों के टिन शेड उड़ गए। मकानों में किसी के निवास नहीं करने से कोई जनहानि नहीं हुई। लेखपाल वेद प्रकाश मिश्र ने हुए नुकसान का जायजा लेते हुए रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी है। (संवाद)
सफेद चादर से ढके खेत-खलिहान
अमेठी। गुरुवार देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला और बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते ओले पड़ने लगे। करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि होने से सड़क, खेत, खलिहान के साथ घरों की छत सफेद ओले की चादर से ढक गई। ओलावृष्टि होने के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरसों, मटर के साथ ही अन्य फसलों के फूल, फलियां भी कट कर गिर गई वहीं अगेती खेती करने वाले किसानों के गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ।
हल्की हवा चलने और बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई। अचानक ओलावृष्टि होने से सड़कों पर आवागमन कर रहे राहगीर आनन-फानन आश्रय लेकर बचते नजर आए। क्षेत्र के ककवा, महराजपुर, मुंशीगंज आदि स्थानों पर अधिक ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि के चलते शुक्रवार सुबह ठंड बढ़ गई। किसानों का कहना है कि एक ओर पाला और कोहरे के चलते फसल प्रभावित हो रही थी वहीं अब ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद कर दिया। जिन स्थानों पर ज्यादा ओलावृष्टि हुई है वहां फसलों की उपज पूरी तरह प्रभावित होगी। (संवाद)
ओलावृष्टि से किसान चिंतित
जगदीशपुर (अमेठी)। गुरुवार रात में हुई बूंदाबांदी और ओलावृष्टि होने से क्षेत्र में एक बार फिर से सर्दी बढ़ गई है। शुक्रवार को बादल छाए रहने एवं धुंध के चलते फसलों को होने वाले नुकसान के मद्देनजर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। किसानों का मानना है कि यदि बारिश और ओलावृष्टि तेज हुई तो खेतों में खड़े आलू, चना, मटर, मसूर, एवं अरहर की फसलों को नुकसान होगा। क्योंकि ओलावृष्टि के होने से फूलों के झड़ने का भय बना है। किसानों का कहना है कि पहले भी बारिश से इन फसलों का आंशिक नुकसान हो चुका है।(संवाद)
08 : गौरीगंज : बृहस्पतिवार को क्षेत्र में कुछ यूं हुई ओलावृष्टि। -संवाद- फोटो : AMETHI