जिला अस्पताल में गमगीन मृतक दीपक सिंह के परिजन। संवाद
अमेठी सिटी। गौरीगंज से गुजरने वाले बांदा-टांडा हाईवे पर रविवार सुबह हुई रोडवेज बस और कार दुर्घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसा बस में बैठे दवा व्यवसायी दीपक सिंह व कार सवार सुरजीत सिंह यादव के परिवार को जीवनभर न भूलने वाला दुख दे दिया।
हादसे में घायल शाहगढ़ के हरैया गांव निवासी राजेंद्र ने बताया कि वह भाई युवराज के साथ रायबरेली जा रहे थे। सुबह कोहरा काफी घना था। शहर सीमा से बाहर निकलने के बाद बस की गति अधिक थी। यात्रियों ने चालक से गति कम रखने की बात कही, मगर ध्यान नहीं दिया गया। बरनाटीकर के पास इस बात पर एक यात्री से बहस भी हुई, इसके बाद भी गति में कमी नहीं आई।
बस में सवार सरायभागमानी गांव निवासी अर्चना ने बताया कि दुर्घटना के समय जान जाने का भय महसूस हुआ। रेखा ने कहा कि कोहरे में अधिक गति से बस चलना दुर्घटना का कारण बना। सुमन ने बताया कि कार भी ट्रक को ओवरटेक करती हुई तेज गति में थी। अचानक ब्रेक लगते ही यात्री सीटों से टकरा गए।
आगे बैठा व्यक्ति शीशा तोड़ते हुए सड़क पर गिर पड़ा। ब्रेक लगने के बाद बस करीब 20 मीटर तक फिसलती हुई खड्ड में उतर गई। दुर्घटना में जान गंवाने वाले दीपक गौरीगंज में क्लीनिक संचालित करते थे। वह बस से दवा लेने रायबरेली जा रहे थे। कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह के पुत्र दीपक की मौत से परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।