गौरीगंज (अमेठी)। टीजीजी व पीजीटी की परीक्षा जिले में 17 केंद्रों पर होगी। सात-आठ व 17-18 अगस्त को दोनों पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 12 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस संबंध में शासन का निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन व माध्यमिक शिक्षा विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
शासन की ओर से जिले में पहली बार टीजीटी व पीजीटी की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड कर रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष वीरेश कुमार की ओर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि जिले में पहले से निर्धारित 17 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन सात व आठ तथा 17 व 18 अगस्त को होगा।
सात व 17 अगस्त को टीजीटी तथा आठ व 18 अगस्त को पीजीटी की परीक्षा होगी। सात व 17 अगस्त को होने वाली टीजीटी की परीक्षा में प्रत्येक दिन 3,250-3,250 तथा आठ व 18 अगस्त को होने वाली पीजीटी परीक्षा में प्रत्येक दिन 2,750-2,750 परीक्षार्थी (कुल 12,000) शामिल होंगे। शासन के साथ बोर्ड की ओर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन व बोर्ड का निर्देश मिलने के बाद प्रशासन परीक्षा को शांतिपूर्ण व शुचितापूर्ण कराने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
यह कॉलेज बनाए गए परीक्षा केंद्र
शासन व प्रशासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने चार तहसीलों के 17 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनासा है। गौरीगंज तहसील में परीक्षा केंद्र बनाए गए कॉलेजों में जिला मुख्यालय के शहर में संचालित रणंजय इंटर कॉलेज व जीजीआईसी, जीआईसी व जीजीआईसी जामो तथा जीजीआईसी शाहगढ़ हैं।
अमेठी तहसील में अमेठी शहर स्थित जीजीआईसी व शिव प्रताप इंटर कॉलेज, रामनगर स्थित रणवीर इंटर कॉलेज, रानी सुषमा देवी बालिका इंटर कॉलेज मुंशीगंज, कालिकन इंटर कॉलेज, टीकरमाफी स्थित जीआईसी व सोनारीकला स्थित जीजीआईसी हैं। मुसाफिरखाना तहसील में कस्बा स्थित एएच इंटर कॉलेज व जीजीआईसी तथा तिलोई तहसील में जीआईसी फुरसतगंज, मलिक मोहम्मद भारती इंटर कॉलेज जायस व जीआईसी जायस शामिल हैं।
नामित किए गए नोडल अफसर
परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने शासन की ओर से एडीएम वित्त एवं राजस्व एसपी सिंह तथा विभाग की ओर से सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र को नोडल अफसर नामित किया है। दोनों अफसरों को परीक्षा तैयारियों को अति शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा गया है।