80.90 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही इस अत्याधुनिक लैब का निर्माण कार्य कार्य अस्पताल के पहले व दूसरे तल पर हो रहा है। वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों की जांच होती है। सीमित संसाधनों के कारण गंभीर मरीजों को जांच के लिए लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है। निर्माणाधीन आईपीएच लैब में यूरिन माइक्रोबायोलॉजी, सीमन एनालिसिस, हार्ट, हार्मोनल और कल्चर जैसी अत्याधुनिक जांच की सुविधा भी एक ही छत के नीचे मरीजों को मिल सकेगी। लैब में प्रतिदिन एक हजार से अधिक सैंपल की जांच की क्षमता से मरीजों को मिलने वाली इलाज की सुविधा भी काफी बेहतर हो जाएगी।
अभी तक मरीजों को कैंसर जैसी बीमारियों की जांच के लिए लखनऊ या प्रयागराज तक जाना पड़ता है। लैब का संचालन शुरू होने से मरीजों को यह सुविधा गौरीगंज में ही उपलब्ध हो सकेगी। आर्थिक तौर से कमजोर मरीजों की महंगी जांच लैब में निशुल्क होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
117 से अधिक जांचें होंगी मुफ्त
आईपीएचएल में यूरिन माइक्रोबायोलॉजी, सीमन टेस्ट, हार्मोनल जांच, हार्ट संबंधी परीक्षण और कल्चर टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह सभी जांचें सामान्य से लेकर गंभीर रोगों के निदान में सहायक होंगी।
मरीजों को मिलेगी राहत
आईपीएच लैब जैसी जांच की अत्याधुनिक सुविधा अस्पताल में मिलने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर बदलाव आएगा। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की जांच अब जिले में ही संभव होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस, संयुक्त जिला अस्पताल