फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: गोमती में नहाने गया किशोर डूबा, ढाई घंटे बाद मिला शव

Fri, 20 Mar 2026 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
विज्ञापन
जगदीशपुर। कमरौली गांव निवासी शिवांश कनौजिया (17) की बाराबंकी के असंद्रा के बाजपुरा के पास बृहस्पतिवार सुबह नहाने के दौरान गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई। वह साथियों के साथ हैदरगढ़ स्थित बाबा टीकाराम धाम दर्शन करने गया था। किशोर की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन



शिवांश अपने छह दोस्तों राज रावत, लकी सरोज, अमित उपाध्याय, आलोक, प्रज्वल और अंकित के साथ सुबह घर से बाबा टीकाराम धाम में दर्शन पूजन के लिए गया था। दर्शन के बाद सभी लोग पीपा पुल पार कर गोमती नदी के किनारे पहुंचे। दोस्तों के अनुसार, नदी किनारे नहाने के बाद सभी कपड़े बदल रहे थे, तभी शिवांश फिर से पानी में उतर गया। साथियों ने उसे मना भी किया, इसके बावजूद वह गहरे पानी में चला गया। अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूबने लगा। यह देख साथ गए साथियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोग जब तक जुटते तब तक किशोर पानी में समा गया।



सूचना के बाद मौके पर पहुंची असंद्रा और हैदरगढ़ की पुलिस ने दमकल कर्मियों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से किशोर की तलाश शुरू की गई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद किशोर को पानी से बाहर निकाला। पुलिस किशोर को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी असंद्रा आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
विज्ञापन




गांव में पसरा मातम

किशोर का शव गांव पहुंचते ही परिवार के साथ ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। मां शिव देवी बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो जा रहीं थीं। पिता रमेश कनौजिया गहरे सदमे में दिखे। बड़ा भाई हिमांशु मुंबई में काम करता है। उसके आने का इंतजार किया जा रहा है। गांव में मातम पसरा हुआ है।


होली पर मुंबई से लौटा था शिवांश

शिवांश कुछ दिन पहले ही होली पर्व पर मुंबई से गांव वापस लौटा था। वह अपने भाई हिमांशु के साथ रहता था। यहां आने के बाद वह अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था। अचानक हुई उसकी मौत से उसके साथी भी काफी दुखी नजर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें