जगदीशपुर। भाले सुल्तान शहीद स्मारक क्षेत्र के दिछोली गांव में रविवार सुबह खेत में टूटी पड़ी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से सोनू (14) की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार राम मनोहर प्रजापति का बेटा सोनू सुबह गांव के कुछ बच्चों के साथ शौच के लिए गया था। इसी दौरान संजय बरनवाल के खेत में टूटी पड़ी 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के संपर्क में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ऊर्जा निगम को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब 20 मिनट बाद आपूर्ति बंद की गई। इसके बाद किसी तरह सोनू को तार से अलग कर ट्रॉमा सेंटर जगदीशपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे से करीब 20 मिनट पहले ही सुनील ने विभाग को तार टूटने की सूचना दे दी थी।
उनका आरोप है कि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती तो किशोर की जान बच सकती थी। सोनू की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां लक्ष्मी बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। बहनें जानवी और संचिता का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता राम मनोहर और बड़े भाई रामजस गमगीन रहे।
परिजनों ने ऊर्जा निगम की लापरवाही को बेटे की मौत का जिम्मेदार बताते हुए तहरीर दी है। प्रभारी अवर अभियंता करपिया आलोक शर्मा ने बताया कि मामले की सूचना मिली है। जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। थानाध्यक्ष अजयेंद्र पटेल ने बताया कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।