जगदीशपुर के पूरे मंजूशाह मजरे हंसवासुरवन में रोते-बिलखते मृतक के परिजन। स्रोत: ग्रामीण
जगदीशपुर। पूरे मंजूशाह के मजरे हंसवासुरवन में रविवार को संदिग्ध हालात में नेहा (15) कमरे में रस्सी के सहारे फंदे से लटकी मिली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
परिजनों के अनुसार रविवार सुबह नेहा की मां लीलावती अपनी बेटी रंजनी के साथ मायके घाटमपुर के पूरे परमेश्वरी गांव गई थीं। घर में नेहा अकेली थी, जबकि छोटे भाई शिवम (10) और देवा (7) बाग में गए थे। कुछ देर बाद दोनों घर लौटे और बहन को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोसियों की मदद से कमरे में जाकर देखा तो नेहा रस्सी के सहारे फंदे से लटकी हुई थी।
लीलावती ने बताया कि सुबह घर से निकलते समय सब कुछ सामान्य था। आखिर ऐसा क्या हुआ, यह समझ में नहीं आ रहा है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
नेहा की मौत के बाद मां लीलावती का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कहकर बिलख पड़ती हैं कि सुबह बेटी को घर में छोड़कर गई थीं, लेकिन लौटने पर उसका शव मिला। छोटे भाई शिवम और देवा बहन को याद कर फूट-फूटकर रोते रहे, जबकि बहन रंजनी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। राजस्थान में मजदूरी कर रहे पिता रामरूप को घटना की सूचना दी गई तो वह घर के लिए रवाना हो गए। ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने में जुटे रहे।