जायस में हुसैनी अलम जुलूस के दौरान मातम करते अजादार।-संवाद
जायस। शहीदाने कर्बला का चेहल्लुम मंगलवार को अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजिये और इमाम की तुरबत को सुपुर्द-ए-खाक कर हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
दोपहर बाद शाही इमामबारगाह सदर से छपरकट और हुसैनी अलम का जुलूस निकला। वफा हैदर, निसार हैदर, नैयर अकबर, नफीस हुसैन, अनीस रिजवी और शकेब हुसैन ने मरसिया पढ़ा। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने मातम किया। इसके बाद इमामबारगाह सदर से इमाम की तुरबत निकाली गई, जिसकी हजारों लोगों ने जियारत की।
महिलाएं दहा गाते हुए तुरबत के पीछे चलती रहीं। देर शाम इमाम की तुरबत को कर्बला गदाई तालाब में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं सुबह दर्जनों ताजिये कर्बला ककरहिया तालाब में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। रात में अंजुमन गुलदस्ता-ए-अजा का अलविदाई मशाल जुलूस निकला। सलमान अब्बास ने नौहाखानी की, जबकि मातमी दस्तों ने सीनाजनी की। बाद में मानी मंजिल में शब्बेदारी और मजलिसे अजा हुई। प्रो. हुसैन कमालुद्दीन अकबर, अबूतुराब रिजवी और अनीस रिजवी ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।