गौरीगंज (अमेठी)। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की डिग्री पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2004 से 2014 के बीच सहायक अध्यापक/शिक्षामित्र के रूप में नियुक्ति पाने वाले 76 शिक्षक एसटीएफ के रडार पर हैं। एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय को सभी 76 सहायक अध्यापकों/शिक्षामित्रों की सूची भेजकर उनकी तैनाती से जुड़ा ब्योरा तलब किया है। आशंका है कि इन लोगों की डिग्री फर्जी है।
प्रदेश के 25 जिलों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर अलग-अलग महिलाओं की नियुक्ति का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक/शिक्षामित्र के पद पर हुई नियुक्तियों की भी जांच शुरू हो गई है। सभी फर्जी शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके इसके लिए शासन एसटीएफ की भी मदद ले रहा है।
शासन के आदेश पर एसटीएफ ने नियुक्तियों की जांच शुरू भी कर दी है। जिले में वर्ष 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापक/शिक्षामित्र के रूप में नियुक्ति पाने वाले 76 कर्मी एसटीएफ के रडार पर हैं। एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय को सभी 76 लोगों के नाम की सूची भेजकर यह बताने को कहा है कि जिन लोगों के नाम सूची में शामिल हैं उनमें कितने सहायक अध्यापक हैं और कितने शिक्षामित्र। सूचीबद्ध लोगों की तैनाती किन स्कूलों में है इसका ब्यौरा भी मांगा गया है। एसटीएफ का पत्र मिलने के बाद बीएसए कार्यालय शिक्षकों व शिक्षामित्रों का ब्यौरा अलग करने में जुटा है।
बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने एसटीएफ की ओर से भेजी गई सूची मिलने की बात स्वीकार की। बताया कि सूचीबद्ध लोगों में 49 सहायक अध्यापक और 27 शिक्षामित्र हैं। जांच के बाद सभी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए ने यह भी बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से कुछ वर्षों में जारी बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले जो 2,823 शिक्षक प्रदेश भर में चिन्हित हुए हैं, उनमें अमेठी का एक भी शिक्षक शामिल नहीं है।