अमेठी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में साधना करते साधक। स्रोत: गायत्री परिवार
अमेठी। गायत्री शक्तिपीठ अमेठी में चल रही 40 दिवसीय गायत्री महापुरुश्चरण साधना के 38वें दिन सोमवार को पूजन-अर्चन और साधना के साथ आध्यात्मिक चिंतन हुआ। पं. इंद्रदेव शर्मा ने साधकों को जीवन में ईश्वर के प्रति समर्पण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए मनुष्य को अपना जीवन प्रभु को समर्पित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपनी इच्छाओं की पूर्ति की अपेक्षा करने के बजाय ईश्वर की प्रेरणा और संकेतों के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। साधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसुधार और व्यक्तित्व विकास का माध्यम है। साधना से मन को शांति मिलती है।
पं. इंद्रदेव शर्मा ने कहा कि अज्ञान के अंधकार से निकलकर ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ना ही समझदारी है। इस मौके पर डॉ. मीनाक्षी सिंह, संगीता शर्मा, कोमल त्रिपाठी, सरिता सिंह, वंदना सिंह, सुनीता सिंह, मनीषा आदि मौजूद रहे।