भादर। देश की रक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार हैं। जवान देश की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध रहें। इसके लिए जान भी देनी पड़े तो गुरेज नहीं होना चाहिए। ये बातें सीआरपीएफ के डीजी प्रशासन जकी अहमद ने नवआरक्षियों को संबोधित करते हुए कहीं। वे शुक्रवार को त्रिसुंडी स्थित सीआरपीएफ के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में 16वें बैच की पासिंग आउट सेरेमनी में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस मौके पर महानिदेशक ने 1659 नवआरक्षियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई।
सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर सहित विभिन्न प्रांतों के नवआरक्षियों का प्रशिक्षण 24 फरवरी 2024 को प्रारंभ हुआ था। 11 माह 23 दिन के कठिन प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षी विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए केंद्रीय पुलिस बल के पूर्ण रूप से जवान बने। जिन्हें देश के अलग-अलग स्थानों पर पोस्टिंग दी गई। डीजी जकी अहमद ने परेड की सलामी ली।
इस मौके पर डीआईजी मध्य क्षेत्र अनिल कुमार, डीआईजी प्रशिक्षण बल्लभ चंद्र शर्मा, डीआईजी जीसी मदन कुमार, कमांडेंट विनय कुमार त्रिपाठी, परेड कमांडर चंदन कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी हरीश जोशी, पुष्कर सिंह बड़वाल, विनायक रंजन, विवेक पटेल,अमित कुमार, सहायक कमांडेंट निरीक्षक दुर्गेश त्रिपाठी सहित अधिकारी जवान व नवआरक्षियों के परिजन मौजूद रहे।
इन्हें मिला बेहतर प्रदर्शन का पुरस्कार
समारोह में आरक्षी रामकेश रावत को बेस्ट इन आउटडोर, आरक्षी दिनेश को बेस्ट इन ड्रिल, आरक्षी आकाश कुमार को बेस्ट इन बीओएसी, आरक्षी तापरे धीरज को बेस्ट इन फिजिकल ट्रेनिंग की ट्रॉफी दी गई। इसी तरह आरक्षी अनिल कुमार को बेस्ट इन स्पोर्ट्स, आरक्षी आकाश लोधी को बेस्ट इन वैपन हैंडलिंग, आरक्षी वाल्के अनिकेत को बेस्ट इन फायर, आरक्षी मितांडे शुभम को बेस्ट इन इंडोर, आरक्षी रामकेश रावत को आल राउंड बेस्ट और सबीर खां को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक की ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।