गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित आरएसएस शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में मौजूद लोग। स्रोत आयोजक
अमेठी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बृहस्पतिवार को गायत्री नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में हिंदू सम्मेलन हुआ। इसमें सनातन धर्म की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विचार रखे गए।
अयोध्या धाम से पधारे महंत विमल दास महाराज ने शास्त्रीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जाति प्रथा का खंडन किया। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से हिंदू राष्ट्र रहा है और इसकी पहचान सनातन संस्कृति से जुड़ी है। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत ग्राम विकास प्रमुख रजनीश ने कहा कि समाज के सभी महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही सच्ची राष्ट्र सेवा है। उन्होंने सामाजिक एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम संरक्षक समाजसेवी दिनेश तिवारी ने कहा कि हीन भावना से मुक्त होकर समरस समाज का निर्माण ही हिंदू समाज की पहचान है। संयोजक डॉ. त्रिवेणी सिंह ने हिंदू समाज को संगठित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन आरएसएस नगर कार्यवाह डॉ. दिलीप सिंह ने किया। सम्मेलन में जिला प्रचारक पवन, संजय कुमार, सूबेदार बी.पी. मिश्र, साहित्यकार अभिजित त्रिपाठी, अनिरुद्ध मिश्र, दिलीप जायसवाल, सुनील श्रीवास्तव, महेन्द्र प्रताप, मनोज तिवारी, अशोक बरनवाल मौजूद रहे।