करीब ढाई घंटे बाद जेसीबी की मदद से बस को हटाया जा सका
गेट मैन पिंटू तिवारी ने देखा तो घटना की सूचना तत्काल स्टेशन मास्टर बत्ती लाल मीना को दी। स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। कुछ ही समय में रेलवे और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बस को हटवाने का शुरू किया गया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से बस को हटाया जा सका। इसके चलते लखनऊ-वाराणसी रेल रूट के डाउन लाइन पर आ रही मालगाड़ी को निहालगढ़ स्टेशन पर ही रोकना पड़ा।
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उधर बस रेलवे ट्रैक पर फंसी होने की खबर यात्रियों को दी गई तो वह नींद में होने के कारण चीखने चिल्लाने लगे। थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल हो गया। इसके बाद उन्हें समझाकर नीचे उतारा गया। बस से उतरने के बाद यात्री इधर-उधर बैठकर समय काटते रहे। जिन्हें किसी काम से पहुंचना था, वह बस स्टाफ से देर हो जाने की शिकायत करते नजर आए।
रेलवे ट्रैक पर बस फंसने से दुकान पर बैठी महिलाएं एवं बच्चे
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