गौरीगंज (अमेठी)। रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए छह लोगों को क्या पता था कि रात में ही बरात से लौटने की जिद उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया से विदा कर देगी। बरात से लौटते हुए इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियों को भी एक पल में काफूर कर दिया। दुर्घटना में चार परिवारों के कुल के दीपक बुझ गए तो एक पिता-पुत्र साथ-साथ मौत के आगोश में समा गए। दुर्घटना के बाद अलग-अलग गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। सांत्वना देने पहुंचने वालों की आंखें भी परिवारीजनों के करुण क्रंदन पर नम हो जा रही थीं।
मुंशीगंज थाने के नेवढ़िया मजरे भुसियावां गांव निवासी जगलाल के पुत्र उमेश कुमार की शादी जायस कस्बे के नसीराबाद मार्ग निवासी रूबी के साथ तय थी। रविवार को आयोजित इस समारोह में दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। गाजे-बाजे के साथ बरात पहुंची। वधू पक्ष की ओर से स्वागत सत्कार के बाद द्वारचार व भोजन आदि हुआ।
द्वारचार व भोजन के बाद बराती खुशी-खुशी आरक्षित वाहन से घर वापस लौट रहे थे। बरातियों में शामिल एक वाहन पर सवार लोगों की यह आखिरी बरात होगी यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। बरात से विदाई लेकर घर वापस आ रहे लोग घर पहुंचने के बजाए काल के गाल में समा गए। बाबूगंज के पास हुई दुर्घटना में चार परिवार के कुल दीपक बुझ गए।
दुर्घटना में गूडुर गांव के रहने वाले पिता-पुत्र की मौत हो गई तो पचेहरी गांव में पिता की मौत के बाद उनके 13 और आठ वर्ष के दो बच्चे ट्रामा सेंटर में जीवन मौत से संघर्ष कर रहे हैं। वीरामपुर गांव में रवि की मौत से अंजान पुत्री व पुत्र अपने पिता के शव से चिपक कर उठने व वाहन से घुमाने की जिद लोगों का कलेजा छलनी कर रही थी। पूरे गौतम का पुरवा दुलापुर कला गांव में भी इकलौती संतान की मौत के बाद मां गुमसुम हो गई तो पिता हर आने-जाने वालों की आंखों में देखकर पुत्र के जिंदा होने की खबर देने की बात कहकर करुण वेदना कर लोगों को गमगीन कर रहा था। नेवढ़िया गांव में दिनेश की मौत की सूचना पर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। अचानक हुई दुर्घटना में छह लोगों की मौत की सूचना पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा है।
पिता-पुत्र की मौत से छाया मातम
गौरीगंज थाने के गूडुर गांव निवासी दिनेश कश्यप उर्फ कल्लू अपने पुत्र सौरभ (09) को लेकर पत्नी रीता के ममेरे भाई उमेश की शादी में शामिल होने गए थे। रीता भी उमेश के घर भुसियावां में थी। रविवार रात हुई दुर्घटना में दिनेश व सौरभ की मौत की सूचना रात में गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मचा गया। किसी को इस अनहोनी पर विश्वास नहीं हो रहा था। दिनेश की पुत्री दिव्या व देविका को पिता व भाई को के दुनिया से चले जाने की खबर भरोसा ही नहीं हो रहा। पत्नी रीता भी बार-बार बेहोश हो जा रही थी। दुर्घटना में परिवार के मुखिया व कुल के दीपक की मौत से पूरा गांव गमगीन दिखा। आलम यह रहा कि गांव में किसी के भी घर भोजन तैयार नहीं हुआ। सब लोग गमगीन परिवार को सांत्वना देने की कोशिश में जुटे रहे। दुर्घटना से हर कोई हतप्रभ नजर आ रहा था।
पिता की मौत, जिंदगी की जंग रहे बेटे
पचेहरी गांव निवासी त्रिवेणी भी अपनी पत्नी के मामा के लड़के की शादी में शामिल होने पुत्र मुकेश व अनुज के साथ गए थे। घर पर पत्नी अनीता मौजूद थीं। अनीता ने रात में पति से फोन पर बात की। पति ने बरात से वापस लौटने की सूचना दी। बात करने के बाद अनीता पति व दोनों पुत्रों का इंतजार कर रही थी। आधी रात तक वापस नहीं लौटने पर अनीता ने पति के नंबर पर फोन मिलाया तो नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। इसी बीच किसी ने उसे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने व त्रिवेणी की मौत तथा दोनों बच्चों के ट्रामा सेंटर रेफर होने की सूचना दी। इस सूचना ने अनीता के लिए रविवार की रात को काली रात में तब्दील कर दिया। सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। अनीता की हालात इतनी खराब हो गई वह बार-बार बेसुध हुई जा रही थी। सूचना पर एकत्र महिलाएं अनीता को सांत्वना देने में नाकाम थीं।
उजड़ गया हंसता खेलता परिवार
वीरामपुर गांव निवासी राम गोपाल तिवारी का इकलौता पुत्र रमापति उर्फ रवि परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा था। बीमार पिता की देख-रेख के साथ तीन पुत्री व एक पुत्र की पढ़ाई भी रवि के जिम्मे थी। जीप को बुकिंग पर चलाकर वह परिवार का भरण-पोषण करता था। रवि बेहद मिलनसार था। बरात से वापस लौटते समय रवि की मौत से पुत्री नंदनी (13), शुभी (11) व आंशी (09) व पुत्र सूर्यांश (07) पिता का शव घर पहुंचने पर भी यह मानने को तैयार नहीं थे कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। सभी बच्चे पिता से उठने व गाड़ी से घुमाने की जिद करते रहे। बच्चों के करुण क्रंदन से हर कोई गमगीन नजर आया। रवि की मौत के बाद एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।
बुझ गया परिवार का दीपक
मुंशीगंज थाने के पूरे गौतम का पुरवा दुलापुर गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह का पुत्र कुलदीप उर्फ अर्पित बरात में शामिल होने गया था। मां-बाप रात में पुत्र के वापस आने की राह देख रहे थे। पुत्र तो वापस नहीं आया लेकिन उसकी मौत की खबर जरूर आ गई। कृष्ण कुमार की इकलौती संतान की मौत से परिवार का दीपक बुझ गया तो हर कोई इस अप्रिय घटना से हतप्रभ था। किसी को भी कुलदीप के मौत की सूचना पर भरोसा नहीं हो रहा था। इकलौती संतान की मौत के बाद कृष्ण कुमार व उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।
शव पहुंचते ही मच गया कोहराम
अमेठी। थाना क्षेत्र मुंशीगंज के गांव नरसिंह भानपुर निवासी जगलाल कश्यप के 21 वर्षीय बेटे उमेश कश्यप की बरात रविवार को थाना क्षेत्र जायस कस्बे में गई। बरात में नेवढ़िया गांव निवासी शिव मिलन कोरी का 30 वर्षीय पुत्र दिनेश कुमार उर्फ मिथुन बरात गया था। बोलेरो से आते समय बाबूगंज सगरा के पास हुए भीषण सड़क हादसे में दिनेश की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवारी जनों में कोहराम मच गया। मृतक दिनेश कुमार के पिता शिव मिलन, मां देवमता, पत्नी राजकुमारी छोटे भाई आदर्श समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पीएम व सीएम ने ट्वीट कर जताया शोक
सड़क दुर्घटना में अलग-अलग गांव के छह लोगों के मौत की सूचना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने ट्वीट कर दुख जताया। सांसद/केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्विटर पर शोक जताया है। पीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अमेठी के गौरीगंज में हुआ सड़क हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। सीएम ने भी मृतकों के शोक संतप्त परिवारीजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
केंद्रीय मंत्री ने भी दी सांत्वना
अमेठी की सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिले के अफसरों से बात की। और दुर्घटना में मृत व घायल लोगों के परिवारीजनों की पूरी मदद का निर्देश दिया। सोमवार को स्मृति ने ट्वीट किया ‘अमेठी के गौरीगंज में हुए सड़क दुर्घटना में लोगों की असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद है। इस हादसे में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। स्थानीय प्रशासन घायलों की हरसंभव मदद कर रहा है। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना करती हूं’।
डटे रहे गौरीगंज विधायक
सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना पर गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह भी सोमवार सुबह से पोस्टमॉर्टम हाउस पर डटे रहे। उनके भाई मुकेश प्रताप सिंह सभी परिवारों के घर गए और शोक संतप्त परिवारों को ढांढ़स बंधाया। विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भी पीड़ित परिवारों को शोक संवेदना देते हुए जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों की तत्काल मदद कराने को कहा। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल व एसपी दिनेश सिंह से वार्ता कर समय से सभी का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव को घर पहुंचाते हुए अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
नियमानुसार मिलेगी आर्थिक सहायता
सड़क दुर्घटना में मृत छह लोगों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। एडीएम न्यायिक राजकुमार दुबे, एसडीएम सविता यादव व तहसीलदार पवन कुमार शर्मा प्रधानमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा के तहत पत्रावली तैयार करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश में जुटे हैं। तहसीलदार ने बताया कि अभिलेखीय कार्रवाई पूरी की जा रही है। नियमानुसार पीड़ित के आश्रितों के खाते में दुर्घटना बीमा राशि के चार-चार लाख रुपये का जल्द अंतरण किया जाएगा।