बाजारशुकुल के विराहिम बाजगढ़ गांव में टूटा बिजली का खंभा
- फोटो : शाही का शिकार करने वाले आरोपी।
अमेठी। जिले में आंधी के बाद बिगड़ी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था छह दिन बाद भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। सोमवार को भी जिले के सौ से अधिक गांवों में बिजली सप्लाई न होने से लोगों को पेयजल संकट के साथ अन्य परेशानियों से भी जूझना पड़ा। विशेषतौर पर जायस, जगदीशपुर, तिलोई, बाजारशुकुल, सिंहपुर और गौरीगंज में क्षतिग्रस्त हुई हाईटेंशन और एलटी लाइनों की मरम्मत का काम काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है।
बिजली बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल की हो रही है। मोटर न चल पाने से घरों के साथ ही टंकियों में भी पानी न आने से लोगों को लंबी दौड़ लगाकर पानी लाना पड़ रहा है। लगातार छह दिन से बिजली न आने से मोबाइल चार्ज करना भी दुश्वार बना है। बच्चों की पढ़ाई के साथ ही बाजारों में भी कारोबार बाधित बना है। कई घरों में इनवर्टर की बैटरी खत्म हो जाने के कारण लोगों को रात भी अंधेरे में बिताना पड़ रही है। जिसका खामियाजा एक लाख की आबादी को उठाना पड़ रहा है।
सात खंभे टूटे, छह दिन से ठप आपूर्ति
बाजारशुकुल। सत्थिन उपकेंद्र से विराहिम बाजगढ़ गांव जाने वाली एलटी लाइन के सात खंभे आंधी में टूट गए थे। इसके बाद से गांव में छह दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं हुई। एकलाख अहमद ने बताया कि मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। पानी की किल्लत से घरेलू काम प्रभावित हैं। ई-रिक्शा और बैटरी वाहन संचालक भी दूसरे गांवों में जाकर चार्जिंग करने को मजबूर हैं। (संवाद)
कई फीडर ठप, गांवों में बढ़ी परेशानी
जगदीशपुर। आंधी के असर से यहां कई फीडरों की आपूर्ति अभी तक सामान्य नहीं हो सकी है। मड़वा, मऊ अतवारा, रुदापुर और नरायनपुर जैसे गांवों में अब भी बिजली नहीं पहुंची। लोगों को गर्मी में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी के लिए हैंडपंप और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उपखंड अभियंता अनमोल सिंह ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की गई है, शेष स्थानों पर काम जारी है। जामों में 33 हजार लाइन की खराबी दूर कर दी गई है, लेकिन 11 हजार लाइन की मरम्मत में दिक्कत आ रही है। वहीं, फुरसतगंज में 33 हजार लाइन में तकनीकी खराबी के कारण चार फीडरों की बिजली छह घंटे बाधित रही।