अमेठी। किसानों का निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए जिले में छह एजेंसी के 46 क्रय केंद्र जिला प्रशासन की ओर से खोले गए हैं। 1.10 लाख एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में अब तक मात्र 114 एमटी ही धान खरीद 48 किसानों से हुई है। शनिवार को अमर उजाला टीम क्रय केंद्रों पर पहुंची तो इलेक्ट्रानिक कांटा, पंखा, नमी मापक यंत्र व बोरे उपलब्ध मिले व केंद्र प्रभारी किसानों को टोकन जारी कर उनका इंतजार करते दिखे।
शासन शत प्रतिशत किसानों का धान निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदने की कोशिश में जुटा है। निर्धारित 1.10 लाख एमटी धान खरीद लक्ष्य पूरा हो सके इसके लिए विपणन शाखा, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपी स्टेट एग्रो, मंडी समिति और भारतीय खाद्य निगम को दी गई है।
लक्ष्य निर्धारित होने के बाद जिला प्रशासन ने गौरीगंज तहसील में नौ, अमेठी में आठ, मुसाफिरखाना में 14 तथा तिलोई में अलग-अलग स्थानों में 15 क्रय केंद्रों को अनुमोदन देते हुए लक्ष्य के अनुसार पारदर्शी ढंग से सुविधाओं के बीच 15 अक्टूबर से किसानों का धान खरीदने का निर्देश दिया था।
निर्देशों के बावजूद जिले में अब तक मात्र 48 किसानों से 118 एमटी धान की हो सकी है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने गौरीगंज व अमेठी के विपणन शाखा के साथ पीसीएफ के गौरीगंज के बरनाटीकर संग्रामपुर के गोरखापुर तथा बाजार शुकुल के जैनबगंज क्रय केंद्र पहुंची।
अमेठी के विपणन केंद्र पर किसान रामबरन सिंह का 80 कुंतल धान खरीद होते मिला। केंद्र पर अब तक 28 किसानों से 650.40 क्विटंल धान खरीद हो चुकी है। सभी क्रय केद्रों पर टीम को इलेक्ट्रानिक कांटा, छन्ना, नमी मापक यंत्र, बोरे के साथ किसानों की सुविधा के लिए पेयजल व छांव का प्रबंध मिला।
क्रय केंद्रों पर किसानों को टोकन जारी करने के बाद प्रभारी किसानों का इंतजार करते मिले। प्रभारियों का कहना था कि धान की फसल तैयार नहीं होने से किसानों की आमद नहीं हो रही है।
एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में मंसूरी धान का अधिक उत्पादन होता है। धान की फसल तैयार नहीं होने से खरीद की गति धीमी है। सभी प्रभारियों को किसानों से संपर्क कर लक्ष्य के अनुरूप खरीद करने का निर्देश दिया गया है।