अमेठी सिटी। श्रीराम कथा कलयुग में भगवत प्राप्ति का सबसे सरल माध्यम है। भगवान की कथा सौभाग्यशाली लोगों को सुनने को मिलती है। ये बातें जामों के सरमें गांव में मंगलवार से शुरु हुई श्रीराम कथा के पहले दिन प्रवाचक सुनील शास्त्री ने कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि रामकथा कानों के माध्यम से व्यक्ति के मन में प्रवेश करती है। इससे भगवान की छवि मन में बैठ जाती है और भगवत दर्शन की लालसा पैदा करती है। इसी लालसा से ही रास्ता निकाला जाता है। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि गोस्वामी तुलसीदास ने ईश्वर की प्राप्ति के लिए सद्गुरु की आवश्यकता बताई है। गुरु खोजे नहीं जाते, गुरु का दर्शन किया जाता है।
उन्होंने राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि कलयुग में योग, यज्ञ ,जप, तप, व्रत, पूजा जैसे साधना के कठिन मार्ग संभव नहीं हैं। केवल भगवान के नाम का सुमिरन ही भवसागर से पार कर सकता है। उन्होंने ध्रुव की कथा सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार पांच वर्ष की अवस्था में बालक ध्रुव ने परम पद को प्राप्त किया। ध्रुव की करुण कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने भगवान शिव तथा सती के प्रसंग के माध्यम से राम कथा के महत्व का सुंदर वर्णन किया। इस मौके पर संत कुमार श्रीवास्तव, राजीव कुमार श्रीवास्तव व राम नारायण यादव आदि मौजूद रहे।