अमेठी। भू-स्वामियों को खेती-किसानी में सहयोग करने वाले बटाईदार भी अब मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण बीमा योजना का लाभ पाएंगे। कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
पत्र में बटाईदार की मौत व दुर्घटना के बाद परिवार के सदस्यों को 45 दिन में आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद बटाईदार की मौत पर पांच लाख रुपये तो दुर्घटना पर नियमानुसार अनुदान राशि खाते में ट्रांसफर करने की बात कही गई है।
किसानों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान के लिए संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भू-स्वामियों के अलावा बटाईदारों को देने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन का निर्देश मिलने के बाद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने सभी एसडीएम को पत्र जारी किया है।
पत्र में बटाई पर खेत लेकर खेती-किसानी करने वाले परिवार के मुखिया की मौत व दुर्घटना में निशक्त होने की दशा में योजना से लाभान्वित करने को कहा है। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं बटाईदार किसानों को मिलेगा जो मूल निवासी हों तथा उसकी आय का मुख्य साधन कृषि हो।
उनकी आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच हो। बटाईदार किसान आग में जलने, बाढ़ में बह जानेे, बिजली गिरने या बिजली का करंट लगने, हत्या, डकैती, आतंकी हमल में मृत्यु होने, मकान के नीचे दबनेे, प्राकृतिक आपदाओं में मृत्यु होने, जंगली जीवों के आक्रमण व सांप काटने पर योजना से लाभान्वित होंगे।
योजना का लाभ लेने के लिए बटाईदार परिवार को 45 दिन में आवेदन करने के साथ ही निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता की फोटो कापी, अकाउंट नंबर, आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज के फोटो के अलावा मोबाइल नंबर व खतौनी संलग्न कर जमा करना होगा। आवेदन की जांच के बाद पात्रता पूरी करने पर बटाईदार किसान के परिवारिक सदस्यों के बैंक खाते में अनुदान राशि ट्रांसफर होगी।