अमेठी सिटी। कृषि विभाग का उर्वरक की उपलब्धता का दावा फेल नजर आ रहा है। निजी दुकानदार महंगे दामों पर डीएपी और यूरिया बेचकर किसानों का शोषण कर रहे हैं। किसानों को यूरिया संग सल्फर व जिंक लेने को मजबूर किया जा रहा है। कई निजी दुकानों पर सिर्फ किलो के हिसाब से फुटकर में महंगी खाद बेची जा रही है।
गौरीगंज शहर के डाकखाना मोड़ स्थित एक निजी दुकान की पड़ताल की गई तो दुकानदार ने बताया कि बोरी में डीएपी व यूरिया नहीं मिल पाएगी। दुकानदार ने बताया कि फुटकर में ही 30 रुपये किलो डीएपी तो 10 रुपये किलो यूरिया मिल जाएगी। इस हिसाब से 1350 रुपये में मिलने वाली डीएपी की बोरी 1500 रुपये में और 266 रुपये में मिलने वाले बोरी 445 रुपये की मिल रही है। शहर स्थित एक और निजी दुकान की पड़ताल की गई तो दुकान बंद मिली। सरकारी केंद्रों पर भी किसानों को दो बोरी से अधिक यूरिया व डीएपी लेने पर नैनो की बोतल दी जा रही है। कई किसान पैसा कम होने के चलते मायूस लौट गए।
सल्फर लोगे तभी मिलेगी यूरिया
भादर (अमेठी)। क्षेत्र के रामगंज स्थित निजी उर्वरक की दुकान पर सोमवार को किसानों से आधार कार्ड लेकर यूरिया बिक्री की जा रही थी। किसानों को यूरिया संग सल्फर लेने को मजबूर किया जा रहा था। कई किसानों ने बताया कि यूरिया 280 रुपये बोरी तो साथ में सल्फर 100 रुपये की दी जा रही है। सल्फर नहीं लेने पर किसानों को यूरिया नहीं दी जा रही है। फुटकर यूरिया लेने वाले किसानों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। फुटकर यूरिया 10 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है। दुकान पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी। उर्वरक विक्रेता ओम प्रकाश ने बताया की मंगलवार व बुधवार को डीएपी आएगी तो उसकी कीमत निर्धारित की जाएगी। (संवाद)
फुटकर में ज्यादा बिक रही यूरिया
जगदीशपुर (अमेठी)। मुसाफिरखाना स्थित निजी उर्वरक की दुकान पर पड़ताल की गई तो वहां किसान नहीं मिले। दुकान पर बैठे युवक ने बताया कि फुटकर में यूरिया 10 रुपये किलो मिल पाएगी। बोरी में यूरिया व डीएपी नहीं है। संचालक गोपी चंद ने बताया कि 266 रुपये बोरी यूरिया की बिक्री की जा रही है। डीएपी नहीं है, उसकी जगह सुपर खाद 500 रुपये में बेची जा रही है। यूरिया की मांग कम है। केवल नर्सरी करने वाले किसान ही फुटकर में यूरिया ले रहे हैं।
निजी दुकानों पर नहीं खाद
सिंहपुर (अमेठी)। क्षेत्र के शिवरतनगंज कस्बे में निजी दो दुकानों की पड़ताल की गई तो खाद नहीं थी। दुकानदार देवेश कुमार ने बताया कि 226 रुपये में यूरिया और 1150 रुपये में डीएपी की बिक्री की जा रही है। चार पांच दिन में खाद मिलने की उम्मीद है।
होगी कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने कहा कि निर्धारित दर पर ही बिक्री की जानी है। किसी दुकानदार ने अगर यूरिया के साथ कुछ किसान को लेने के लिए मजबूर करता है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बताया कि इस समय जिले के सरकारी व प्राइवेट दुकानों पर यूरिया 17706 एमटी, डीएपी 2104 एमटी, एनपीके 1019 एमटी, सिंगल सुपर फास्फेट 2440 एमटी इफको व प्राइवेट कंपनियों की उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी।