अमेठी सिटी। केंद्र सरकार के बजट से माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की राह सुगम होगी। हाईस्पीड इंटरनेट सेवा मिल जाने से इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा भी बच्चों को आसानी से मिलेगी। इसके अलावा अन्य विभागीय कार्य भी सुगमता से हो सकेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश किया तो शिक्षा जगत की बेहतरी के लिए कई प्रस्ताव शामिल रहे। इन्हीं में से एक अहम घोषणा माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाना रहा। हालांकि इंटरनेट सेवा की शुरुआत इन स्कूलों में पहले ही हो चुकी है। आंशिक तौर पर सही इसका प्रयोग पिछले कई वर्ष से किया जा रहा है। माध्यमिक स्कूलों में डीवीआर को इंटरनेट के जरिए ही कनेक्ट किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ स्कूलों में बायोमीट्रिक उपस्थिति भी हो रही है। प्राथमिक स्कूलों में भी टैबलेट के जरिए विभागीय सूचनाएं शिक्षकों से ली जा रही हैं।
इंटरनेट के शुरुआती प्रयोगों की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने वृहद स्तर पर बढ़ाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने अब माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों को हाईस्पीड इंटरनेट सेवा देने की घोषणा की है। इसके तहत स्कूलों में ब्राडबैंड कनेक्शन दिया जाएगा। ऐसा होने से शिक्षा की बेहतरी के अन्य प्रयास भी तेजी से हो सकेंगे। इसमें प्रमुख रूप से आज के तकनीकी दौर में स्मार्ट क्लास की उपलब्धता है। माध्यमिक स्कूलों में हाईस्पीड इंटरनेट होने से स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को शिक्षा दी जा सकेगी। मिशन उन्नयन में सहूलियत होने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्कूलों की निगरानी आसान हो सकेगी। कमोवेश प्राथमिक स्कूलों में भी इंटरनेट हो जाने से यह सहूलियतें बच्चों के साथ ही शिक्षकों को मिल सकेंगी।
जिले में माध्यमिक स्कूलों की संख्या 248 और प्राथमिक स्कूलों की संख्या करीब 1700 है। इंटरनेट की व्यवस्था होने से इन स्कूल के बच्चों के साथ ही शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि यह लाभ कब तक मिलेगा, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सरकार की मंजूरी के बाद सभी स्कूलों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन की उपलब्धता कराना भी आसान नहीं होगा।
माध्यमिक स्कूलों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था हो जाने से स्मार्ट क्लास के साथ ही अन्य विभागीय कार्य आसान हो जाएंगे। इससे शिक्षा विभाग के कार्यों को करने में बेहद आसानी होगी।
- डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी, डीआईओएस अमेठी