अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग ने कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को नजदीकी स्कूलों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संग्रामपुर क्षेत्र के धोए गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गना का पुरवा को दो किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय शंकर मानापट्टी में विलय कर दिया गया है। इस निर्णय से नौनिहालों की उपस्थिति पर सीधा असर पड़ा है।
गांव के लोगों ने बताया कि पहले विद्यालय गांव के भीतर था, जिससे बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई परेशानी नहीं होती थी। अब उन्हें लंबा सिवान पार कर करीब दो किलोमीटर दूर तक बस्ता लेकर जाना पड़ता है। इससे छोटे बच्चों के लिए नियमित स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। विद्यालय में पहले 16 बच्चे पढ़ते थे, अब केवल चार ही उपस्थिति दर्ज करा पा रहे हैं।
गांव की सुमित्रा ने बताया कि उनकी बेटियां रिया और खुशी अब सरकारी विद्यालय में पढ़ने नहीं जा रहीं है। उन्होंने उनका नाम एक निजी स्कूल में लिखवा दिया है ताकि उन्हें सुरक्षित और सुलभ शिक्षा मिल सके। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जाने वाला रास्ता सूनसान है। छोटे बच्चों को अकेले भेजने में संशय बना रहता है।
खंड शिक्षा अधिकारी शशांक मिश्र ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही विद्यालयों का विलय किया गया है। संबंधित अभिभावकों को बच्चों को नजदीकी स्कूल भेजने के लिए समझाया जा रहा है। सभी आवश्यक उपाय अपनाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।