11 : संग्रामपुर : संत की मौत के बाद अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु। -संवाद
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संग्रामपुर (अमेठी)। कालिकन धाम के संत फक्कड़ महाराज के ब्रह्मलीन होने पर शनिवार सुबह आठ बजे साहब की कुटी से दर्शन यात्रा निकाली गई। संत का अंतिम दर्शन करने हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम यात्रा के बाद विधि-विधान से गणेश देवतन पर संत को भू-समाधि दी गई।
संग्रामपुर के कालिकन धाम के संत फक्कड़ साहब का शुक्रवार सुबह देहावसान हो गया। शुक्रवार सुबह से ही उनके भक्तों का जमावड़ा होने लगा। शनिवार सुबह फक्कड़ साहब की अंतिम दर्शन यात्रा निकली गई। इस यात्रा में क्षेत्र के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। बैंड बाजों के बीच भजन-कीर्तन, शंख-झालर के साथ निकाली गई, अंतिम दर्शन यात्रा के दौरान हजारों लोगों ने उनके दर्शन किए।
पुष्पमाला अर्पण कर ईश्वर से उनके मोक्ष की प्रार्थना भी की। मुख्य मार्गों और चौराहों से जब दर्शन यात्रा आगे बढ़ी तो पुरुषों के साथ महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी ने उनको अंतिम विदाई दी। दर्शन यात्रा जैसे ही गणेश देवतन पहुंची पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा। श्रीराम जय राम जय जय राम व साहब बंदगी स्वर चारों तरफ से सुनाई देने लगे।
संतों और पंडितों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान के साथ भू-समाधि में पार्थिव देह रखे जाने से पहले चीनी, नमक और फल मिष्ठान्न डाला गया। मौजूद महात्मा और आमजनों ने पुष्प, पैसा, मिट्टी आदि अर्पित कर प्रणाम किया। पार्थिव देह पर चंदन का लेप लगाकर भू-समाधि दी गई।
कालिकन धाम के पुजारी श्रीमहराज के अनुसार संतों को भू-समाधि इसलिए दी जाती है ताकि कालांतर में उनके अनुयायी अपने आराध्य का दर्शन और अनुभव उस स्थान पर जाकर कर सकें। इस मौके पर सभी राजनीतिक दलों सहित धार्मिक, समाजसेवी संगठनों के व अधिक संख्या में भक्त आखिरी दर्शन करने के लिए मौजूद रहे।