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संस्कृत स्कूलों में हाईटेक विधि से होगी पढ़ाई

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गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण के बीच प्रभावित शिक्षण कार्य को बेहतर बनाने के लिए जिले में संचालित संस्कृत माध्यमिक स्कूलों में अब हाईटेक विधि से पढ़ाई होगी। इसके लिए ई-लर्निंग/डिजिटल/व्हाट्स एप के माध्यम से शिक्षण कार्य करने का निर्देश प्रधानाचार्य को दिया गया है। इसके लिए सभी स्कूलों को ग्रुप तैयार करने के साथ ऑनलाइन विधि से शिक्षण करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। शिक्षण कार्य में लापरवाही तथा कोर्स पूरा नहीं होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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कोरोना वायरस (ओमिक्रॉन) के बढ़ते संक्रमण के कारण उत्पन्न पस्थितियों से शैक्षिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। परिषदीय व माध्यमिक स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था शुरू होने के बाद स्वयं को पिछड़ा महसूस कर रहे संस्कृत स्कूलों को हाईटेक करने की कवायद शुरू हो गई है। जिले में संचालित आठ संस्कृत माध्यमिक स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था करने के लिए शिक्षा निदेशक संस्कृत माध्यमिक बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी किया है।
पत्र में वर्तमान शैक्षिक सत्र के अवशेष माहों में ई-लर्निंग/डिजिटल/व्हाट्स एप के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षित करने का निर्देश दिया गया है। विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके इसके लिए सभी माध्यमिक संस्कृत स्कूलों को विषयवार व्हाट्स एप ग्रुप तैयार करने के साथ ही ऑनलाइन क्लास संचालित करने, स्वयं प्रभा चैनल, ज्ञान गंगा व अन्य माध्यमों से शैक्षिक कार्य करते हुए प्रभावी अनुश्रवण किया जाएगा। व्हाट्स एप ग्रुप, जूम एप, माइक्रोसॉफ्ट टीम एवं स्काइप के माध्यम से शिक्षण सामग्री ऑडियो/वीडियो/पीडीएफ तैयार कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
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ऑनलाइन क्लास की कक्षावार व विषयवार समय सारिणी तैयार पठन पाठन करते हुए विद्यार्थियों के जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए विषयवार शिक्षक नामित करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं में शिक्षक की ओर से पढ़ाई गई विषयवस्तु पर विद्यार्थियों की शैक्षिक समस्याओं को ऑनलाइन ग्रुप पर मंगवाकर निस्तारित भी किया जाएगा।
पठन-पाठन कार्य की निगरानी डीआईओएस, मंडलीय निदेशक व ब्लॉकवार नोडल अफसर करेंगे। प्रतिदिन शिक्षण कार्य व विद्यार्थियों के सवालों के जवाब के साथ प्रतिभाग करने वालों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर देने का निर्देश प्रधानाचार्यों को दिया गया है। ऑनलाइन क्लास संचालित नहीं होने तथा कोर्स पूरा नहीं होने पर शिक्षक व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में संचालित संस्कृत स्कूलों का विवरण
डीआईओएस कार्यालय के पटल प्रभारी अमरनाथ मिश्र ने बताया कि जिले में संचालित आदर्श शिव बहादुर संस्कृत महाविद्यालय अहोरवा भावनी में 42 बालक व 67 बालिका वर्तमान शैक्षिक सत्र में पंजीकृत हैं। इसी तरह श्रीस्वामी ब्रह्मानंद संस्कृत माध्यमिक स्कूल कस्थुनी में 60 बालक व 41 बालिका, श्रीमत परमहंस संस्कृत माध्यमिक स्कूल टीकरमाफी में 284 बालक व 21 बालिका, गौरीशंकर संस्कृत माध्यमिक स्कूल सिगठी में 75 बालक व 23 बालिका, श्रीपंचमल संस्कृत माध्यमिक स्कूल कौहार में 82 बालक व 20 बालिका, नागेश्वरनाथ संस्कृत माध्यमिक स्कूल हसरमपुर में 70 बालक व सात बालिका, श्री देवीपाटन संस्कृत माध्यमिक स्कूल अमेठी में 48 बालक व 20 बालिका तथा श्रीरामजानकी संस्कृत माध्यमिक स्कूल शुकुल बाजार में 33 बालक व पांच बालिका पंजीकृत हैं। जिन्हें कोविड संक्रमण के कारण वर्तमान शैक्षिक सत्र में ऑनलाइन शिक्षित किया जाएगा।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र ने बताया कि जिले में संचालित आठ संस्कृत माध्यमिक स्कूल में ऑनलाइन शिक्षण कार्य करने का निर्देश प्रधानाचार्यों को दिया गया है। शिक्षकों को प्रतिदिन ऑनलाइन संचालित क्लास के स्क्रीन शॉट के साथ प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों की संख्या व पढ़ाए गए विषय वस्तु की जानकारी निर्धारित प्रारूप पर देेनी होगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षण के लिए प्रेरित करते हुए कोर्स पूरा कराने तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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