बाजारशुकुल थाने में आयोजित समाधान दिवस पर सुनवाई करते प्रभारी निरीक्षक। -संवाद
बाजारशुकुल। सात साल पहले कटहल के पेड़ को लेकर हुए विवाद में समझौता होने के बाद भी अहमदपुर के निमिहा गांव निवासी सुहाग की परेशानी खत्म नहीं हुई। पेड़ गिर जाने के बाद भी गांव के लोग उसे उठाने नहीं दे रहे हैं। शनिवार को न्याय की आस में वह बाजारशुकुल थाने में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे। सुबह 11:20 बजे थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए उन्होंने बताया कि समझौते के बाद भी उन्हें पेड़ हटाने के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। सुहाग ने मामले का समाधान कराने की मांग की।
भूमि विवाद सहित अन्य शिकायतों के निस्तारण के लिए जिले के सभी थानों में थाना समाधान दिवस आयोजित हुआ। बाजारशुकुल थाने में थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ फरियादियों की शिकायतें सुनीं और निस्तारण कराने की कोशिश की। हालांकि, लेखपालों की हड़ताल के कारण एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका।
दक्खिनगांव क्यार ग्राम पंचायत के पूरे मत्ते पुरियन गांव निवासी शहीन खान ने बताया कि गांव के ही सफीक, नफीस आदि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल से न्याय की आस में अधिकारियों और थानों के चक्कर लगा रहे हैं। बाहरपुर निवासी सर्वजीत ने बताया कि 22 जून से मकान में शटरिंग लगी है। कुछ दबंग लिंटर नहीं डालने दे रहे हैं। इससे निर्माण कार्य रुका हुआ है।
बाहरपुर निवासी प्रभा देवी ने बताया कि फर्जी बीमा कराने की बात कहकर दो बाइक सवार युवक उनकी बाइक और चार हजार रुपये ले गए। संपर्क करने के बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। मगर राजस्व से जुड़े मामलों में लेखपालों की हड़ताल के कारण मौके पर कोई निस्तारण नहीं हो सका।