अमेठी बस स्टाॅप पर प्रदर्शन करते चालक व परिचालक।
- फोटो : अमेठी बस स्टाॅप पर प्रदर्शन करते चालक व परिचालक।
अमेठी सिटी। अमेठी डिपो में कार्यरत चालक और परिचालक बुधवार सुबह अचानक हड़ताल पर बैठ गए। उनका गुस्सा प्रयागराज डिपो में साथी परिचालक की हुई पिटाई को लेकर फूटा। सभी ने बस संचालन रोक दिया और डिपो परिसर में धरना देकर विरोध जताया। लगभग दो घंटे तक बसों का संचालन बाधित रहा। एआरएम के आश्वासन पर कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त किया।
प्रयागराज डिपो में मंगलवार देर रात अमेठी डिपो के परिचालक बृजेश कुमार को वहां के एक चालक ने पीट दिया था। इससे पहले लखनऊ डिपो में भी मारपीट की घटना हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से गुस्साए अमेठी डिपो के कर्मचारियों ने बुधवार को सामूहिक रूप से प्रदर्शन शुरू कर दिया। हड़ताल का असर सीधा यात्रियों पर पड़ा। डिपो से चलने वाली बसें खड़ी हो गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
परिचालक राजेंद्र सरोज ने कहा कि अन्य जिलों में लगातार अपमान और हमले सहने पड़ रहे हैं। लखनऊ और सुल्तानपुर में गाड़ियां खड़ी करने तक की अनुमति नहीं दी जाती। चालक राकेश बहादुर सिंह ने भी यही समस्या बताई। घायल परिचालक बृजेश कुमार भारती ने चेताया कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सभी फिर से हड़ताल करेंगे। विरोध प्रदर्शन में शिवराम, हरिशंकर, रोहित, अमित, प्रवीण, निरंजन, धर्मेंद्र, शिव कुमार, अमन, अजित, पंकज सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। एआरएम काशी प्रसाद ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि एक सप्ताह के भीतर दोषियों पर कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद चालक-परिचालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
परेशान हुए यात्री
अमेठी बस स्टाॅप पर सुबह से बस का इंतजार कर रहे शिवम तिवारी बोले कि लखनऊ से ट्रेन पकड़नी थी। बस समय से नहीं मिली, जिसके चलते ट्रेन छूट जाएगी। सत्यम सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट प्रयागराज में पेशी है, लेकिन बसों का संचालन बंद होने से देरी हो रही है। अशोक शुक्ल और आशुतोष तिवारी ने भी कहा कि हड़ताल की वजह से जरूरी काम प्रभावित हुए।