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रोडवेज बसों का किराया बढ़ने से यात्रियों पर बढ़ा भार

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अमेठी। सड़कों पर टोल टैक्स में वृद्धि होने के चलते बस किराया यात्रियों की जेबों पर भार बढ़ गया है। टोल टैक्स वाले रूट पर चलने वाली परिवहन निगम की बसों का एक रुपये से 23 रुपये तक किराया बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। ई-टिकट मशीनें अपडेट नहीं होने से बढ़ा किराया लेने में परिचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन परिचालकों और यात्रियों के बीच झड़प होती रहती है।
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टोल टैक्स में वृद्धि होने के चलते परिवहन निगम की बसों के किराए में वृद्धि हुई है। किराए में वृद्धि होने के बाद अब तक ई-टिकट मशीनें अपडेट नहीं हो पाई हैं तो ज्यादातर मशीनें खराब पड़ी हैं। एक ओर जहां किराए में वृद्धि को लेकर यात्रियों में आक्रोश है, वहीं ई-टिकट मशीनों द्वारा निकले टिकट पर मूल्य से अधिक किराया लेने पर यात्रियों और परिचालकों के बीच प्रतिदिन विवाद हो रहा है।
गौरतलब है कि अमेठी-मिश्रौली-प्रतापगढ़ वाया प्रयागराज जाने वाली रोडवेज बस का किराया 124 रुपये से 23 रुपये की वृद्धि होने के बाद 147 रुपये का हो गया है। वहीं अमेठी वाया संग्रामपुर-प्रतापगढ़ होकर प्रयागराज जाने वाली बस के किराए में भी 23 रुपये की वृद्धि होने के बाद 151 रुपये हो गया है। अमेठी वाया सांगीपुर-कानपुर-कौशांबी जाने वाली बस का किराया 721 रुपये से बढ़कर 726 रुपये हो गया है। अमेठी वाया मुसाफिरखाना-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से दिल्ली को जाने वाली बस का किराया 813 रुपये से बढ़कर 820 रुपये हो गया है।
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अमेठी से लखनऊ वाया मुसाफिरखाना जाने वाली बस का किराया 177 रुपये से बढ़कर 178 रुपये, अमेठी-मुंशीगंज-रायबरेली से होकर कानपुर को जाने वाली बस का किराया 219 रुपये से बढ़कर 221 रुपये, अमेठी वाया अठेहा-रायबरेली कानपुर जाने वाली बस का किराया 212 रुपये से बढ़कर 213 रुपये, अमेठी वाया सुल्तानपुर लखनऊ को जाने वाली बस का किराया 192 से बढ़कर 194 रुपये हो गया है। अमेठी डिपो की कुल 41 बसों के सापेक्ष 35 बसें टोल टैक्स के रास्ते अपने निर्धारित रूप से गंतव्य तक प्रतिदिन आवागमन करती हैं।
इन 35 बसों में करीब पांच हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। जिन्हें एक रुपये से लेकर 23 रुपये तक किराया अतिरिक्त देना पड़ रहा है। एक ओर महंगाई और दूसरी ओर परिवहन निगम की बसों का बढ़ा किराया यात्रियों की जेब को ढीली कर रहा है। शेष बसें टोल टैक्स वाले रूट पर नहीं चल रही है। टोल टैक्स वाले रोड पर नहीं चलने वाली बसों के गंतव्य स्थानों का किराया पुराना ही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
संविदा परिचालक अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि टोल टैक्स बढ़ने से बढ़ा अतिरिक्त किराया लेने में यात्री आए दिन विवाद करते हैं। कुछ यात्री ऐसे ही होते हैं जो टिकट के अलावा बढ़ा अतिरिक्त किराया नहीं देते। यात्रियों से विवाद से बचने के लिए हम लोगों को अपनी जेब से भरना पड़ता है। संविदा परिचालक रणजीत सिंह ने बताया कि प्रयागराज रूट पर टोल टैक्स ज्यादा होने से करीब 23 रुपये किराया अधिक हुआ है। ई-टिकट मशीन अपडेट नहीं होने के कारण बढ़ा अतिरिक्त किराया जब यात्रियों से मांगा जाता है तो वह विवाद करने लगते हैं। मशीन अपडेट कराए जाने के साथ ही मैनुअल किराए की रसीद भी दुरुस्त कराई जानी चाहिए।
संविदा परिचालक संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि ज्यादातर मशीनें खराब पड़ी हैं। वहीं जो मशीनें सही भी हैं वह अपडेट नहीं हैं। इसके चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मैनुअल टिकट काटने पर यात्री बढ़े किराए को लेकर विवाद करते हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा इसे संज्ञान में लिया जाना चाहिए। संचालन प्रभारी सूर्यभान सिंह ने बताया कि ई-टिकट मशीनों का टेंडर समाप्त हो गया है। नया टेंडर अभी तक नहीं हो पाया है। ऐसे में खराब ई-टिकट मशीनों की मरम्मत एवं अपडेट का कार्य नहीं हो पा रहा है।
क्या कहते हैं यात्री
श्रीनारायण शुक्ला ने कहा कि कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यात्री किराया बढ़ना कतई उचित नहीं है। इससे और अधिक बोझ पड़ रहा है। कहा कि निगम की सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही हैं। न तो आरामदायक सीटें यात्रियों को मिल पा रहीं और न ही जर्जर बसों का संचालन रुक पा रहा है। इन सबके बीच अब यात्री किराए में वृद्धि कर देने का खामियाजा भी यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। डॉ. अर्जुन प्रसाद पांडेय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधाएं तो बढ़ नहीं रहीं, लेकिन किराया जरूर बढ़ गया है।
एक तो खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ने से पहले से ही घर का बजट बिगड़ा हुआ है, उस पर से यात्री किराया बढ़ने से अब और समस्या आ गई है। प्रयागराज पढ़ने वाले छात्र विवेक मिश्र ने कहा कि उसका पढ़ाई के लिए प्रयागराज आना-जाना लगा रहता है। पहले से ही किराया अधिक था। अब 23 रुपये और बढ़ गया। जिम्मेदारों को चाहिए कि यात्री हित को देखते हुए बढ़ा किराया वापस लें। हाईकोर्ट के अधिवक्ता सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि रोडवेज बस का किराया बढ़ गया है। जिम्मेदारों को इस पर विचार करना होगा।
किया जा रहा पत्राचार
प्रभारी एआरएम उमाकांत मिश्र ने बताया कि परिचालकों को बढे़ किराए के संबंध में यात्रियों को अवगत कराने एवं उनसे बेहतर व्यवहार रखने के साथ ही ई-टिकट मशीनों के अपडेट एवं उनकी मरम्मत के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया है।
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